
24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर के गणगौर घाट पर एक दिव्यांग युवक घनश्याम भारद्वाज नहाते समय संतुलन बिगड़ने से पिछोला झील के गहरे पानी में डूबने लगा। वहां मौजूद युवकों ने “बचाओ-बचाओ“ चिल्लाना शुरू किया, जिसे सुनकर दिव्यांश वैष्णव ने तुरंत झील में छलांग लगाकर घनश्याम को सुरक्षित बाहर निकाला।
दिव्यांश की बहादुरी
दिव्यांश नियमित रूप से गणगौर घाट स्थित हनुमान मंदिर में पूजा और साफ-सफाई के लिए आते हैं। दिव्यांश ने बताया कि घनश्याम का एक हाथ नहीं है, जिससे उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह गहरे पानी में जाने लगा। सिविल डिफेंस टीम का वॉलेंटियर होने के कारण दिव्यांश को तैराकी का अनुभव है। उन्होंने बिना किसी देरी के झील में कूदकर सफल रेस्क्यू किया। दिव्यांश ने कई बार रेस्क्यू ऑपरेशन्स में हिस्सा लिया है और सिविल डिफेंस टीम के साथ काम कर चुके हैं। उनकी यह त्वरित प्रतिक्रिया और साहसिक कदम न केवल घनश्याम के जीवन की रक्षा करने में सफल रहा बल्कि मानवता का अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। घटना के समय घाट पर मौजूद टूरिस्ट और स्थानीय लोगों ने दिव्यांश के साहस की सराहना की। उनके इस कार्य से घाट पर एक बड़ी त्रासदी टल गई।
इस प्रेरणादायक घटना से सीख
दिव्यांश जैसे निस्वार्थ और बहादुर लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और हिम्मत ने यह साबित किया कि थोड़ी सी जागरूकता और साहस से किसी की जान बचाई जा सकती है।
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