24 न्यूज अपडेट. सलूंबर। जिले के सराडा पटेल बस्ती में गंगाराम पिता नानजी के घर के पास बाड़े में भैंसे बंधी हुई थी और गंगाराम आज सुबह करीब 4ः10 पर दुकान पर गया था। जहां घर के पास चिंगारी लगती हुई देखी तो दौड़ पड़ा। देखा तो पास से गुजर रही 11 केवी लाइन का तार टूट गया था। जिस पर गंगाराम ने बिजली विभाग के लाइनमैन को फोन किया तो फोन नहीं उठाया। ऑफिस में जाकर लाइन को बंद करवाया। फिर देखा तो दो भैंसों की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई जिनकी कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपए है वहीं इसके पास में ही मकान बना हुआ है जिसमें उनके माता-पिता,भाभी एवं बच्चे सो रहे थे अगर समय रहते लाइन को बंद नहीं करवाया होता तो जन हानि हो सकती थी। स्थानीय ग्रामीणों व पीड़ित ने बताया कि इससे पूर्व भी विद्युत विभाग को अवगत करा कर इस लाइन को हटाने की मांग की है।मकानों के उपर से गुजर रही 11 केवी लाइन को हटाने की मांगकैंप प्रभारी को लोकेश पिता अमरजी,नानजी पिता लालजी,गोविंद पिता भगवान,कालूजी पिता हिरजी,मेघराज पिता नानजी ने एक दिन पहले ज्ञापन देकर बताया कि हमारे सराडा पटेल बस्ती मे लाल सागर रोड पर हमारे मकान के ऊपर से 11 केवी लाइन गुजर रही है जिससे कि पहले भी एक भैंस की मौत हो चुकी है और हम बिजली विभाग में सूचना और रिपोर्ट भी दे चुके है परंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है इस लाईन हटाया जाए जिससे कोई हादसा नहीं हो।पशु विभाग और बिजली विभाग के जिम्मेदार पहुंचे मौके परइधर सूचना मिलते ही सराडा पशु चिकित्सालय से चिकित्सक मौके पर पहुंचे वही बिजली विभाग से अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जल्द से जल्द लाइन हटने का आश्वासन दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जिससे किया था शिक्षक पर वार, खुद पर चला दी वही तलवार, सलूम्बर के जंगलों में पकड़ा गया हत्यारा फतेहसिंह, पानी पीने पहाड़ों से उतरा, पुलिस ने दबोचा मगर उससे पहले खुद को किया गंभीर घायल, एमबी अस्पताल में भर्ती एक पेड़ माँ के नाम अभियान पीडब्ल्यूडी अधिकारियो ने लगाए पौधे , कहा – जन्म से लेकर मृत्यु तक पेड़ हमें कई रूपों में देता है सौगात