24 न्यूज अपडेट, चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग में शुक्रवार सुबह एक अनोखी घटना हुई। सूरजपोल गेट के पास एक जंगली भालू दिखा, जो गेट पार करके किले की पहाड़ियों की तरफ चला गया। किले में तैनात सुरक्षा गार्ड ने भालू का वीडियो बना कर भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) के अधिकारी प्रेम शर्मा को भेजा। प्रेम शर्मा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग की फ्लाइंग टीम, जिसका नेतृत्व रेंजर नेपाल सिंह कर रहे थे, दोपहर तक मौके पर सर्च ऑपरेशन चलाती रही। उनके साथ दिल्ली गेट नाका के वनपाल झूमर राम और वनरक्षक मुकेश कुमार भी थे। हालांकि, अब तक भालू को फिर से नहीं देखा गया है।
ये घटना इसलिए खास है क्योंकि चित्तौड़गढ़ किले या आस-पास के मृग वन, बस्सी सेंचुरी, सीतामाता सेंचुरी और टेरिटोरियल एरिया में कभी भी भालू नहीं देखा गया था। पहली बार किसी ने यहां भालू देखा है, जिससे स्थानीय लोग काफी हैरान और थोड़े डरे हुए भी हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह भालू संभवतः मध्य प्रदेश के जंगलों से होकर आया होगा या मेनाल की पहाड़ियों से भटक कर यहां पहुंचा है। सामान्यत: जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में नए इलाकों में जाते हैं।
स्थानीय लोग और पर्यटक इस खबर को लेकर काफी उत्सुक हैं, लेकिन वहीं कुछ डर भी महसूस कर रहे हैं। वन विभाग ने साफ कहा है कि अगर भालू दोबारा नजर आए तो किसी भी हालत में उसके पास जाकर उसे परेशान न करें। सिर्फ दूर से नजर रखें और तुरंत विभाग को सूचित करें। अभी भी वन विभाग की टीम भालू की खोज में लगी हुई है और किले के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है। जहां चित्तौड़गढ़ किले में इतिहास और शौर्य की गूंज होती थी, अब वहां जंगल की इस नई हलचल ने एक अलग तरह की चर्चा शुरू कर दी है।
चित्तौड़गढ़ किले में पहली बार दिखा जंगली भालू, सुरक्षा में हड़कंप

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