24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। यह सही कहा जाता है कि जिसकी जैसी दृष्टि होती है वैसी ही उसके लिए सृष्टि होती है। लेकिन सरकारी महकमे में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग और राजनीति में उंचे पदों पर बैठे लोग जिनकी जिम्मेदारी ही शहर की अव्यवस्थाओं को देख कर तत्काल ठीक करना है उनकी दृष्टि में फर्क कैसे आ जाता है।जिला कलेक्टर आज स्मार्ट सिटी के दौर पर निकले तो उनको तारों के जाले, हेरिटेज वाले स्थानों पर जगह-जगह पोस्टर और बैनर, झीलों में गंदगी दिख गई। खुले में कचरा स्थल भी दिख गए। बिल्डिंग के छज्जे के बाहर तक बने फैलाए दुकानों के साइन बोर्ड भी दिखाई दे गए। इन सबको दुरूस्त करने के उन्होंने निर्देश दिए। यह दौरान सीएस के उदयपुर आने की चर्चा से एक दिन पहले हुआ इससे उसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई। कल ही कलेक्टर के निर्देशन में उनके ही दफ्तर के परिसर की साफ सफाई का काम हुआ था। अब सवाल यह उठ रहा है कि ये ऐसी समस्याएं हैं जिनसे हर व्यक्ति रोज दोचार होता है। जगह-जगह पोस्टर ऐसे लगा दिए गए हैं मानों यह शहर कुछ ही लोगों की जागीर हो। उनको खुला संरक्षण है कि जहां चाहें जब चाहें पोस्टर बैनर लगा लें। निचले स्तर के अफसर भी नहीं बोलते, नेता तो कभी नहीं बोलते क्योंकि सबका गठबंधन जगजाहिर है। हां यह बात अलग है कि नगर निगम कुछ संस्थाओं को छांट कर कार्रवाई करके अपनी पीठ खुद ही थपथपा कर खुश हो ले तो फिर कहने ही क्या।स्मार्ट सिटी को तारों के जंजाल से मुक्त हुए कई बरस हो जाने थे लेकिन अब भी है तो क्यों है यह सवाल पूछने वाला कोई नहीं है। खुले में कचरा पड़ा है यह भी अगर कलेक्टर साहब की आंखों से देखने के बाद पता चले व उसको ढंकने के आदेश हों तो यकीन जानिये, इस शहर का भगवान ही मालिक है। क्योंकि कचरा एक जगह नहीं, कई जगह पर खुले में पड़ा है। उसके कुप्रबंधन के चर्चे इतने ज्यादा हैं कि केके गुप्ता साहब को न्याय मित्र बनाया गया है। सिस्टम का यह फेल्योर नहीं तो और क्या है? अब तो लगता है कि जिला कलेक्टर को स्थायी रूप से शहर में रात्रि चौपाल और कैम्प करने की जरूरत है ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके। केवल गेस्ट अपीयरेंस से काम चलने वाला नहीं है।कलेक्टर साहब को चाहिए कि जैसा कि अगर वास्तव में ढर्रा सुधारना है तो खुद मॉनिटरिंग करें व हर पांतरे रिपोर्ट, मौका चित्र मंगवाए ताकि पता चल सके कि नीचे का सिस्टम कितना दुरूस्त चल रहा है। आज वॉल सिटी एरिया का पैदल भ्रमण करते हुए कलेक्टर नमित मेहता सुबह 7.45 बजे नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश, स्मार्ट सिटी के एसीईओ कृष्णपालसिंह चौहान, नगर निगम के अधीक्षण अभियंता मुकेश पुजारी, स्मार्ट सिटी एक्सईएन दिनेश पंचौरी सहित अन्य अधिकारियों के रंगनिवास पुलिस चौकी से पैदल होते हुए महालक्ष्मी मंदिर जगदीश चौक, सिटी पैलेस रोड़, लालघाट, गणगौर घाट, दाई जी की पुलिया से मांझी मंदिर, अंबराई घाट, चांदपोल पुलिया, नई पुलिया, हाथी पोल से घंटाघर तक गए। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से कराए गए सीवरेज, बिजली, पेयजल संबंधी कार्यों, पार्किंग सुविधाओं, हेरिटेज विकास कार्यों आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हेरिटेज स्थलों पर कई जगह निजी पोस्टर-पेम्पलेटस् चस्पा किए हुए दिखे जो आम तौर पर उन अफसरों तक को नहीं दिखते जो कलेक्टर के साथ थे। जगह सड़क को क्रोस करते हुए बैनर टंगे मिले। जिला कलक्टर ने कहा कि इस प्रकार से पोस्टर-बैनर शहर की सुंदरता तथा हेरिटेज स्थलों की महत्ता को कलुषित करते हैं। पोस्टर-बैनर तत्काल प्रभाव से हटवाए जाएं। अब देखना होगा कि यह हो पाता है या केवल…..।झील और घाट की सफाई के निर्देशदाई जी की पुलिया से चांदपोल पुलिया तक पहुंचने के दौरान संस्कृत विद्यालय छोर पर झील के घाट पर गंदगी देखकर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताई। नई पुलिया के समीप झील में भी गंदगी नजर आई। इस पर उन्होंने नगर निगम के सफाई निरीक्षक को इसकी तत्काल सफाई कराने, नई पुलिया के पास बने कचरा संग्रहण स्थल को साफ कराकर उसे कवर कराने के भी निर्देष दिए। जिला कलक्टर घंटाघर की स्तम्भों और दीवारों पर पोस्टर-बैनर लगे देखकर नाराज हुए। लेकिन यह तो बरसों से लग रहे हैं। वे बोले कि इतना महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल हैं, उसे अच्छा और सुंदर बनाए रखना सभी का दायित्व है। उन्होंने निगम आयुक्त को घंटा घर की सफाई व रंगरोगन कराने के निर्देश दिए। घंटा घर पुलिस थाने के सामने तारों का जंजाल देखकर कलक्टर ने उन्हें भी हटवाने तथा नीचे की ओर बिल्डिंग के छज्जे के बाहर तक बने फैलाए दुकानों के साइन बोर्ड भी हटवाने के निर्देश दिए। ये ऐसे छोटे मोटे काम हैं जो बिना कलेक्टर के निर्देश के यदि ईमानदारी से प्रचास किए जाएं तो केवल निचले कार्मिकों के दबाव व डर से आसानी से हो सकते हैं। मगर बड़ा सवाल ये है कि इकबाल कौन बुलंद करे। कैसे करें?? करें तो क्यों? Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बार एसोसिएशन उदयपुर एपीएल 2025: सेठ जी 11 की शानदार जीत उदयपुर में दिनदहाड़े कंपाउंडर की बेरहमी से हत्या, लिव-इन पार्टनर के साथ भागा कातिल