24 News Update बांसवाड़ा। बांसवाड़ा के मोटा गांव थाना क्षेत्र के टामटिया और बस्सी आड़ा गांव में रविवार रात हुई एक युवक की हत्या के बाद भड़की सामूहिक हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया है। तीसरे दिन भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। पुलिस और प्रशासन ने गांवों को सुरक्षा घेरे में ले रखा है, जबकि ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों कायम हैं।
हत्या से भड़की आग, दो गांव आमने-सामने
पुलिस के अनुसार बस्सी आड़ा गांव का युवक रविवार देर रात टामटिया गांव में एक युवती से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान युवती पक्ष के परिजनों ने उसे पकड़ लिया और धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही युवक पक्ष के लोग उग्र हो गए और देखते ही देखते मामला दो गांवों के बीच सामूहिक टकराव में बदल गया।
12 से ज्यादा घर फूंके, वाहन भी जले
दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसा में:
10 से 12 से अधिक मकानों को आग के हवाले कर दिया गया
कई दुपहिया और चारपहिया वाहन जल गए
पथराव में कई लोग घायल हुए
आगजनी के बाद कई परिवार रातों-रात गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए। गांवों में जले हुए मकानों और बिखरे सामान के बीच सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस-दमकल को रोका, रास्ते जाम
उपद्रवियों ने हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिस और दमकल टीमों को गांव में घुसने से रोक दिया। मुख्य रास्तों पर लकड़ियां और पत्थर डालकर अवरोध खड़े कर दिए गए। कुछ जगहों पर पुलिस पर पथराव भी किया गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक टीमें गांव के बाहर ही डटी रहीं।
भारी पुलिस बल तैनात, एंट्री बंद
स्थिति को देखते हुए:
4 थानों की पुलिस
रिजर्व पुलिस बल
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात
टामटिया गांव के बाहरी इलाकों में सुरक्षा घेरा बनाकर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है।
थाने पर जुट रहे ग्रामीण, कार्रवाई की मांग
सोमवार सुबह से ही दोनों गांवों के लोग मोटा गांव थाने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक तनाव बना रहेगा।
पुरानी रंजिश और सामाजिक तनाव की भी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग से जुड़ा है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद और रंजिश की भी जानकारी सामने आई है। जांच में इस एंगल को भी शामिल किया गया है।
प्रशासन की समझाइश, राहत कार्य शुरू
जिला प्रशासन के अधिकारी गांवों में पहुंचकर शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत देने और नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और सामाजिक नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े करती है। एक व्यक्तिगत विवाद का इतने बड़े सामूहिक हिंसा में बदल जाना प्रशासनिक चुनौती के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने की कमजोरी को भी उजागर करता है।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन तनाव बरकरार
पुलिस का दावा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है। गांवों में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं, हालांकि माहौल अभी भी संवेदनशील बना हुआ है।

