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उदयपुर के औद्योगिक नवाचार साकार कर रहे विकसित भारत का लक्ष्य: मनोज जोशी

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24 News Update उदयपुर। उदयपुर का उद्योग जगत अमेरिकी टैरिफ प्रतिबंधों से उपजी चुनौतियों का सामना करते हुए देश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह विचार लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं उद्योग विशेषज्ञ मनोज जोशी ने विद्या भवन पॉलिटेक्निक, सरस्वती मेकेट्रॉनिक्स सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किए।
बुधवार को आयोजित प्रशिक्षण समापन समारोह को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि उदयपुर ने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली, मीटर टेस्टिंग तकनीक, हाई-टेंप्रेचर हीटिंग मशीनरी, पीवीसी प्री-फेब्रिकेटेड बिल्डिंग, मार्बल प्रोसेसिंग मशीनरी और माइनिंग न्यूमेटिक व्हीकल जैसे कई क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उदयपुर एक बड़ा निर्यातक बन चुका है और यह शहर स्वावलंबन और नवाचारी उद्यमशीलता का एक रोल मॉडल बनकर उभरा है।
जोशी ने कहा कि भारत अब एक उत्पादक देश से निर्यातक देश बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। भारत में सेमीकंडक्टर चिप का सफल उत्पादन इसका प्रमाण है कि देश की स्वदेशी तकनीकें विश्व स्तरीय हैं। उन्होंने युवा वर्ग से आह्वान किया कि मेकेट्रॉनिक्स तकनीक को सीखकर वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम में लेंक्सेस इंडिया लिमिटेड के उपाध्यक्ष यू. पी. श्रीगणेश ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मेकेट्रॉनिक्स तकनीक में प्रशिक्षित युवा देश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
उद्योग विभाग के पूर्व महाप्रबंधक तेजेंद्र मारवाह ने कहा कि उदयपुर में प्रथम पीढ़ी के अनेक उद्योगपतियों की प्रेरणादायी कहानियां हैं, जिन्होंने इस शहर को उद्योग जगत में विशेष पहचान दिलाई है। वहीं, प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने नैतिक उद्यमशीलता और उसके महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन मेकेट्रॉनिक्स सेंटर प्रभारी नितिन सनाढ्य ने किया। अंत में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रकाश सुंदरम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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