उदयपुर से अभिनव पहल: अब हादसों से प्रभावित परिवारों के बच्चों की नहीं छूटेगी पढ़ाई
24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। राजस्थान सरकार ने व्यक्तिगत संकट के कारण पढ़ाई से वंचित होने वाले बच्चों के लिए एक अभिनव पहल की है। इस पहल के अंतर्गत कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा से जोड़ा गया है। यह ऐतिहासिक योजना उदयपुर से प्रारंभ हुई और इसमें वंडर सीमेंट, ज्यूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस, एसबीआई और एसएमई इंश्योरेंस प्रमोशन काउंसिल की भागीदारी है।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर ने रेजीडेंसी विद्यालय सभागार में इस योजना का शुभारंभ किया और 21 बच्चों को सांकेतिक रूप से बैंक डायरी व किट वितरित किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के प्रति पूर्ण रूप से संवेदनशील है।
योजना की मुख्य बातें
- लाभार्थी: कक्षा 1 से 5 तक के 1.35 लाख विद्यार्थी और उनके अभिभावक।
- बीमा राशि: प्रत्येक छात्र और अभिभावक के लिए 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा।
- सहयोगी कंपनियाँ: वंडर सीमेंट, ज्यूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस, एसबीआई।
- बैंकिंग सुविधा: एसबीआई द्वारा सभी बच्चों के लिए शून्य जमा पर बैंक खाते खोले गए, जिनमें प्रति माह 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
राज्य सरकार की शिक्षा नीति और योजनाएँ
राजस्थान सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए विभिन्न योजनाएँ चला रही है:
- निःशुल्क पुस्तकें और यूनिफॉर्म: छात्रों को बिना किसी शुल्क के अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
- मिड-डे मील और दुग्ध योजना: बच्चों के पोषण के लिए पोषाहार योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
- साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप वितरण: छात्रों को अध्ययन में सहूलियत देने के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ लागू की गई हैं।
- लाडो प्रोत्साहन योजना: निराश्रित बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जा रही हैं।
सहयोगी संस्थाओं की भागीदारी
वंडर सीमेंट के हॉल टाइम डायरेक्टर श्री परमानंद पाटीदार ने इस पहल के लिए सरकार और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। ज्यूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर श्री जगजीत सिंह सिद्धू और एसएमई एंड गवर्नमेंट बिजनेस हेड श्री शिलादित्य चौधरी ने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी। एसबीआई के फाइनेंशियल इंक्लूजन ग्रुप जनरल मैनेजर श्री दीपक लिंगवाल ने बताया कि बैंक खातों के माध्यम से बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय प्रतिभागी
इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. महेंद्र जैन, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) नौनिहाल सिंह, एडीपीसी वीरेंद्र यादव, सहायक निदेशक (माध्यमिक) डॉ. दिनेश बसंल, रेजीडेंसी विद्यालय की संस्थाप्रधान श्रीमती रंजना मिश्रा, आईआईएफएल के प्रतिनिधि, वंडर सीमेंट, ज्यूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस और एसबीआई के अधिकारी उपस्थित रहे।
घुमंतु परिवारों के लिए चल विद्यालय की योजना
शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि राजस्थान सरकार जल्द ही घुमंतु परिवारों के बच्चों के लिए चल विद्यालय शुरू करेगी। इसके तहत घुमंतु परिवारों के डेरों में जाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाएगी।

