24 News Update उदयपुर. उदयपुर का महाराणा प्रताप एयरपोर्ट अब अपनी पुरानी पहचान छोड़कर देश के बड़े एविएशन हब की लिस्ट में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जारी पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि उदयपुर में हवाई सफर का क्रेज उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ा है। साल 2024-25 में पहली बार यहां आने-जाने वाले यात्रियों का आंकड़ा 16,50,607 पहुंच गया है, जो उदयपुर के विमानन इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
लोकसभा में चितौडगढ़ सांसद सीपी जोशी द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एयरपोर्ट की इस ऊंची उड़ान का पूरा ब्यौरा पेश किया। इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो लेक सिटी के टूरिज्म और बिजनेस कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव साफ नजर आता है।
उदयपुर एयरपोर्ट के लिए पिछला दशक उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन रिकवरी की रफ़्तार हैरान करने वाली है। साल 2015-16 में जहां साल भर में मात्र 7.11 लाख यात्री दर्ज किए गए थे, वहीं 2018-19 तक यह संख्या 13.92 लाख पहुंच गई। हालांकि, 2020-21 के कोरोना काल में यह आंकड़ा बुरी तरह गिरकर महज 4.04 लाख रह गया था। लेकिन पर्यटन सीजन में आई तेजी और बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण महज चार साल के भीतर यात्रियों की संख्या में 400% से ज्यादा का उछाल आया है। आज स्थिति यह है कि उदयपुर एयरपोर्ट अपनी पुरानी क्षमता से कहीं आगे निकल चुका है।
विमानों की आवाजाही में 85% की भारी बढ़ोतरी
सिर्फ यात्रियों की भीड़ ही नहीं बढ़ी, बल्कि रनवे पर विमानों की गड़गड़ाहट भी बढ़ गई है।
- साल 2015-16 में पूरे साल में केवल 7,462 विमानों ने उड़ान भरी या लैंड किया था।
- साल 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 13,821 के पार पहुंच गया है।यानी पिछले 10 साल में विमानों की आवाजाही (Aircraft Movement) में 85% की ग्रोथ दर्ज की गई है। आज डबोक एयरपोर्ट पर हर दिन औसतन 37 से 38 फ्लाइट्स का मूवमेंट हो रहा है, जो शहर की मजबूत होती एयर कनेक्टिविटी को दर्शाता है।
- बढ़ते यात्री भार को देखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) उदयपुर एयरपोर्ट का कायाकल्प कर रहा है। वर्तमान में यहां 887 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
- वर्तमान में यात्री 16.50 लाख हैं, लेकिन नया टर्मिनल 45 लाख यात्रियों (4.5 MPPA) की वार्षिक क्षमता को संभालने के लिए बनाया जा रहा है।
- नए टर्मिनल में आधुनिक लाउंज, ज्यादा चेक-इन काउंटर, एरोब्रिज और हाई-टेक सुरक्षा उपकरण होंगे, जिससे यात्रियों का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
हालांकि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए इंतजार अभी बाकी है। उदयपुरवासियों की लंबे समय से मांग है कि यहां से दुबई, बैंकॉक या सिंगापुर जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू हों। इस पर सरकार ने तकनीकी रुख साफ किया है।
मंत्री ने बताया कि उदयपुर फिलहाल एक घरेलू एयरपोर्ट है। किसी भी एयरपोर्ट से इंटरनेशनल ऑपरेशन शुरू करने के लिए केवल बड़ा रनवे काफी नहीं होता, बल्कि इसके लिए विदेशी एयरलाइंस की रुचि, यात्रियों की निरंतर मांग और सबसे महत्वपूर्ण ‘द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते’ (Bilateral Agreements) की जरूरत होती है। सरकार फिलहाल इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना मजबूत कर रही है कि भविष्य में इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए राह आसान हो सके।
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