24 News Update उदयपुर। लगता है उदयपुर पुलिस पंजाब के राज्यपाल महामहिम गुलाबचंदजी कटारिया की बातों को गंभीरता से नहीं लेती। सुना—अनसुना कर देती है जबकि अब तक जनता में ही इंप्रेशन था कि धाकड़ राजनीति कर चुके कटारियाजी की कही हर बात मेवाड़ में पत्थर की लकीर होती है। मौके पर पुलिस अफसर भी मौजूद थे और कटारियाजी ने बेलाग कह दिया था सिस्टम की गंदी मछलियों को पहचानो, बाहर निकालो। शूचिता लाओ। मगर कार्यक्रम खत्म होने के साथ ही बात को आया—गया कर दिया गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अब तक यह जानने का प्रयास ही नहीं किया कि आखिर वो कौन लोग हैं जो उदयपुर को जमीनों के ध्ंधे की वजह से अशांत कर रहे हैं। कौन हैं जो अतिरिक्त कमाई के लिए सरकारी सिस्टम की आड़ में खेल खेल रहे हैं।आपको बता दें कि फतहसागर पाल स्थित टाया पैलेस के सामने ऑटोमोबाइल कंपनी के कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद राज्यपाल कटारिया ने बतौर मुख्य अतिथि कहा था कि पुलिस की कुछ कमियां हैं, तारीफ करने से ही काम नहीं चलेगा। उसमें से हमारे जो दागदार लोग हैं और विशेष करके जमीनों के धंधे में लगे हुए हैं। आज की पुलिस का रोल भी महत्वपूर्ण है।उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते। एक तरह से मन को बहुत दुख होता हैं भगवान ने कमाने के लिए उनको इतनी सुविधा दी है और इस फालतू धंधे में पड़ कर बर्बाद करते हैं। यहां कुछ गैंगे हैं तो वो भू माफिया की गैंग है। बाकी कुछ नहीं है। इनको भी ठीक करना पड़ेगा।पुलिस के पास कोई सूचना नहीं, ना जांच ना दस्तावेजइस मामले में उदयपुर के पत्रकार जयवंत भैरविया ने उदयपुर के पुलिस प्रशासन से यह जानने के लिए कि आखिरकार वो कौन लोग हैं जो कटारियाजी के मन को दुखी कर रहे हैं। वो कौनसी गैंग हैं जो जमीन माफिया को सपोर्ट कर रही है। वो कौन से पुलिस वाले हैं जिनके पास कमाने के लिए इतनी सुविधा है और कौन है जो फालतू धंधे में पड़कर बर्बाद कर रहे हैं जिनको ठीक करने की जरूरत है।भैरविया ने इसके लिए आरटीआई के जरिये उदयपुर पुलिस से सचूना मांगी(1) दिनाँक 4 फरवरी 2026 को पंजाब के राज्यपाल महामहिम श्री गुलाब चंद जी कटारिया ने उदयपुर पुलिस के कुछ अधिकारियों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए उनके गैर कानूनी कृत्यों, जमीनों से जुड़े गलत कामों एवं भु माफियाओं से जुड़े होने की बात कही थी, अतः उन पुलिस अधिकारियों के नामों की सूचना प्रदान की जाए जिनके संदर्भ में माननीय कटारिया जी ने टिप्पणी की थी(2) उदयपुर पुलिस के उन कार्मिकों के नामों की सूचना प्रदान की जाए जो ज़मीनो से जुड़े गलत कामों से जुड़े हुए है।नोट :- उदयपुर के अच्छे एवं ईमानदार पुलिस कर्मियों की छवि पर असर होने के कारण चाही गई सूचना की शीघ्र आवश्यकता हैइसका जवाब चौंकाने वाला रहा। पुलिस की ओर से बताया गया कि यह सूचना किसी भी प्रारूप में संधारित नहीं होने के कारण उपलब्ध नहीं करा सकते हैं।इसका निष्कर्ष यह निकाला जा सकता है कि कटारियाजी के बयान को अब तक पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया है और ना ही रिकॉर्ड में लेकर इसकी कोई दस्तावेजी जांच ही शुरू की गई है। भविष्य में भी ऐसा होगा इसकी संभावना भी बहुत कम ही दिखाई दे रही है। ऐसे में भाई साहब के चाहने वालों और शहर में अपराध मुक्त पुलिस का सपना देखने वालों के लिए यह बड़ी मायूसी की बात हो सकती है।जानकारी कह रहे हैं कि जब पंजाब के राज्यपाल की बात नहीं मानी जा रही है तो फिर किसकी बात मानी जाएगी। उदयपुर पुलिस ने उनके बयान का खंडन भी नहीं किया है। क्या उदयपुर पुलिस के अफसरों की यह ड्यूटी नहीं बनती है कि वे राज्यपाल महोदय की टिप्पणी के हर शब्द को गंभीरता से लेकर अपने ही सिस्टम में छिपी हुई गंदी मछलियों को निकाल बाहर करें।पुलिस पर गंभीर आरोप, कौन करेगा जांचगौरतलब है कि उदयपुर में कानून व्यवस्था को लेकर कई बार गंभीर सवाल उठ चुके हैं फिर चाहे वो हिरासत में हो रही मौतों के मामले हों या फिर रात को तीन बजे बाद प्राइवेट लोगों को औजारों के साथ साथ लेकर जाने की बात हो। पार्टी के लोगों के चहरे से मिलते जुलते कथित डुप्लीकेट लोग गुल खिला रहे हैं। ऐसे में पुलिस पर लग रहे आरोपों की जांच होनी चाहिए। इसकी पहल खुदविभाग ही करे तो बेहतर होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation खाड़ी तनाव के बीच गैस को लेकर प्रशासन अलर्ट: उदयपुर में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दिव्यांग कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार