24 News Udpate उदयपुर। उदयपुर अब तेजी से मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। महाराणा भूपाल चिकित्सालय में मंगलवार को अत्याधुनिक कार्डियक कैथ लैब और प्रदेश के पहले जन आरोग्य लीवर क्लिनिक का उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं से उदयपुर संभाग सहित पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को भी आधुनिक इलाज का लाभ मिल सकेगा।
इन सुविधाओं का लोकार्पण गुलाबचंद कटारिया ने किया। इस दौरान ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, गौरव अग्रवाल, डॉ. राहुल जैन, डॉ. विपिन माथुर, डॉ. आर.एल. सुमन, डॉ. मुकेश शर्मा, अनुपम निधि, राजीव पीट्टी और मुबारिक खान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश का पहला जन आरोग्य लीवर क्लिनिक शुरू
कटारिया डबोक एयरपोर्ट से सीधे सुपर स्पेशियलिटी विंग पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश के पहले जन आरोग्य लीवर क्लिनिक का उद्घाटन किया। यह क्लिनिक राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम और गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित होगा। यहां पात्र मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
15 करोड़ की लागत से तैयार हुई कैथ लैब
इसके बाद हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से कार्डियक विंग में करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित नई कैथ लैब का लोकार्पण किया गया। यह परियोजना हिन्दुस्तान जिंक और आरएनटी मेडिकल कॉलेज के बीच हुए एमओयू का हिस्सा है, जिसके तहत अस्पताल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से होगा हार्ट का इलाज
नई कैथ लैब आधुनिक इमेज-गाइडेड तकनीक से लैस है। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंट डालने जैसी जटिल प्रक्रियाएं आसानी से की जा सकेंगी। आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।
“आमजन को मिलेगा आधुनिक इलाज”
मीडिया से बातचीत में गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि एमबी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में हिन्दुस्तान जिंक हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार, डीएमएफटी फंड, दानदाताओं और कॉर्पोरेट सहयोग से अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ आमजन को मिलेगा।
MB अस्पताल को बनाया जाएगा विश्वस्तरीय संस्थान
कार्यक्रम के बाद एमबी अस्पताल और आरएनटी मेडिकल कॉलेज के विकास को लेकर उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में डॉ. नरेंद्र राठौड़ ने वर्तमान सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। आरएनटी प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन 8 हजार से 12 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं और यहां 3200 स्वीकृत बेड हैं। अगले 10 से 15 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 25 हजार से 30 हजार मरीज प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
इसी को देखते हुए वेदांता हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से अस्पताल को आधुनिक रूप देने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत 8 से 10 मंजिला अत्याधुनिक मेडिकल टावर बनाए जाएंगे, जिनकी छत पर हेलीपैड भी होगा। साथ ही बेड क्षमता बढ़ाकर 4000 करने की योजना है।
ग्लोबल कंपनियां करेंगी डिजाइन
वेदांता की सीएसआर हेड अनुपम निधि ने बताया कि इस परियोजना के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए थे, जिनमें विश्वस्तरीय आठ कंपनियों ने भाग लिया। इनमें से तीन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिन्हें अमेरिका सहित कई देशों में बड़े मेडिकल संस्थान विकसित करने का अनुभव है।

