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विद्यापीठ में दो शोधार्थियों को मिली विद्यावाचस्पति की उपाधि, डॉ. सुभाष पुरोहित के निर्देशन में पूर्ण हुए शोधप्रबंध

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24 news Udpate उदयपुर। जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की ओर से मंगलवार को शिक्षा संकाय में दो शोधार्थियों — नरेंद्र कुमार और लीलाधर प्रसाद व्यास — को विद्यावाचस्पति (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई। दोनों ही शोधार्थियों ने अपना शोधकार्य लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. सुभाष पुरोहित के निर्देशन में पूर्ण किया।
शोधार्थी लीलाधर प्रसाद व्यास का शोधप्रबंध “शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की सहभागिता, संप्रेषण कौशल और व्यक्तित्व कारकों का अध्ययन” विषय पर आधारित था। इस शोध में जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में निर्णयात्मकता, उत्तरदायित्व, संवेगिक स्थिरता, चुनौतियों का सामना, मित्रतापूर्ण व्यवहार, सभ्य व शिष्ट भाषा, अहम्-शक्ति, जिज्ञासा तथा दूसरों पर अधिकार प्रदर्शन जैसे व्यक्तित्व गुणों का विश्लेषण किया गया।
वहीं, शोधार्थी नरेंद्र कुमार का शोधप्रबंध “जनजाति विभाग द्वारा संचालित मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल विद्यालयों के विद्यार्थियों का वैयक्तिक अध्ययन” विषय पर केंद्रित था। इस अध्ययन में पाया गया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित इन आवासीय विद्यालयों में आदिवासी जनजाति क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आवास व शिक्षा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। शोध के निष्कर्षों में यह भी उल्लेख किया गया कि राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित आश्रम छात्रावास, कस्तूरबा बालिका विद्यालय एवं मॉडल आवासीय विद्यालयों की पहल ने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से जनसंख्या के वैयक्तिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर शिक्षा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

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