24 News Update जनजाति सुरक्षा मंच राजस्थान की प्रांतीय कार्यशाला सांवरिया सेठ के पवित्र धाम मंडपिया में अतिथियों द्वारा माँ भारती की पूजा अर्चना से हुआ।कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री भगवान सहाय,क्षेत्रीय संगठन मंत्री विपुल भाई पटेल,अखिल भारतीय ग्राम विकास सह प्रमुख डॉ. राधिका लड्ढा,प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद डॉ. थावरचंद डामोर,उपाध्यक्ष भीमसिंह सुरावत,धर्माराम गरासिया,माया परमार,प्रांत संयोजक लालूराम कटारा, कनकमल कटारा पूर्व मंत्री रहे।
मुख्य वक्ता भगवान सहाय ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जन्म जयंती के अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वाधान में पूरे देश के 755 अनुसूचित जनजाति समुदाय के दस लाख प्रबुद्ध व्यक्ति संविधान के आर्टिकल 342 में बदलाव को लेकर मई 2026 में नई दिल्ली में विशाल सांस्कृतिक समागम कर जनजाति गर्जना रैली करेंगे ।
वर्तमान में देश के संविधान में अनुसूचित जाति समुदाय के लिए संवैधानिक प्रावधान यह है कि ,यदि कोई भी अनुसूचित जाति समुदाय का व्यक्ति हिन्दू, बौद्ध एवं सिख धर्म को छोड़ कर अन्य धर्म ग्रहण करता है तो उसे अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता। किन्तु आर्टिकल 342 जो अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित है उसमें इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं होने से लाखों की संख्या में धर्मांतरण के बाबजूद भी अनुसूचित जनजाति समुदाय के व्यक्ति अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लाभ उठा रहे हैं, जो संविधान निर्माताओं की मूल भावना के विरुद्ध है। अनुसूचित जनजाति समुदाय को उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान रूढ़ि रीति रिवाज परम्परा आस्था ,विश्वास, एवं भौगोलिक अलगाव, सामुदायिक अलगाव, आदिम चारित्रिक विशेषता के कारण भारतीय संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया गया है धर्म बदलने से जनजाति की यह विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान समाप्त हो जाती है ।
किन्तु आर्टिकल 342 की आड में आज भी 75 वर्षों से धर्मांतरित लोग इसका असंवैधानिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं ।
सरकार द्वारा जनजाति समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखने के लिए इस आशय का संशोधन आर्टिकल 342 में समाहित करना चाहिए कि जिन भी व्यक्तियों द्वारा ईसाई एवं मुस्लिम धर्म अपना लिया गया है, उन्हें अनुसूचित जनजाति समुदाय का लाभ नहीं दिया जाए । डीलिस्टिंग की मांग को लेकर भारत का जनजाति समाज मई 2026 में दिल्ली में विराट जनजाति गर्जना रैली करेगा । दिल्ली कूच की तैयारी हेतु पूरे देश में जनजाति समुदाय के बीच जा कर बड़ी संख्या में लोगों को जागृत करेंगे एवं पूरे देश का जनजाति समाज महा गर्जना रैली के रूप में दिल्ली कूच करेगा जिसमे
राजस्थान से 20 हजार लोग जाएंगे ताकि जनजाति समुदाय के साथ हुए इस ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त किया जा सके।।
इस कार्यशाला में 18 जनजाति जिलों से 650 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

