24 News Update उदयपुर। श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश, संभाग और जिला पदाधिकारियों ने मेवाड़ की धरती पर एक सांस्कृतिक-आत्मगौरव से जुड़ा व्यापक दौरा करते हुए गोगुंदा और सायरा क्षेत्र में संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया। सायफन चौराहा स्थित जिला कार्यालय से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुआ यह दौरा गोगुंदा के ऐतिहासिक राजतिलक स्थल पर पहुंचकर अपने शिखर पर पहुँचा, जहां वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गोगुंदा में करणी सैनिकों द्वारा पदाधिकारियों का पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर संभाग अध्यक्ष डॉ. परंवीर सिंह दुलावत ने महाराणा प्रताप के चरणों में नमन करते हुए मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
इसके बाद काफिला सायरा पहुँचा, जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में संगठन की जमीनी मजबूती को लेकर व्यापक मंथन किया गया और विभिन्न स्तरों पर नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। साथ ही जाड़ोल, गोगुंदा और सायरा तहसील के प्रमुख कार्यकर्ताओं की अलग से बैठक लेकर संगठन के विस्तार की रूपरेखा तैयार की गई।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम सिंह देवड़ा, संभाग अध्यक्ष डॉ. परंवीर सिंह दुलावत, संभाग उपाध्यक्ष उदय सिंह देवड़ा, जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह झाला और जिला प्रभारी फतेह सिंह राठौड़ सहित प्रदेश, संभाग और जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां घोषित की गईं, जिनमें संभाग महामंत्री रणजीत सिंह शक्तावत, जिला महामंत्री पर्वत सिंह देवड़ा, जिला उपाध्यक्ष महिपाल सिंह, जिला मंत्री राजेंद्र सिंह पंवार, जिला कार्यसमिति सदस्य तेज सिंह, तथा सोहन सिंह सिसोदिया और सम्पत सिंह को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इस मौके पर भविष्य की रणनीति भी तय की गई, जिसके तहत जाड़ोल, गोगुंदा, बड़गांव और सायरा तहसीलों में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही उदयपुर में एक विशाल केसरिया महाकुंभ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
संभाग अध्यक्ष डॉ. परंवीर सिंह दुलावत ने कहा कि महापुरुषों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा। वहीं जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह झाला ने सायरा को संगठन विस्तार का प्रारंभिक केंद्र बताते हुए पूरे मेवाड़ में इसे मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।
गोगुंदा के राजतिलक स्थल से सायरा तक गूंजा शौर्य का स्वर, करणी सेना के दौरे में संगठन विस्तार की बड़ी घोषणाएं

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