उदयपुर | 11 फरवरी
चार महाद्वीप, चार शिखर और एक संकल्प—राजस्थान की बेटी मनस्वी ने रचा नया अध्याय
उदयपुर में प्रथम आगमन पर भावुक सम्मान, युवाओं को दिया ‘हार न मानने’ का मंत्र
उदयपुर। दुनिया के चार महाद्वीपों की सर्वोच्च पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाली राजस्थान की बेटी, अंतरराष्ट्रीय युवा पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल का बुधवार को अपने गृह नगर उदयपुर में पहली बार आगमन हुआ। इस उपलब्धि के बाद विद्यापीठ के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, डबोक में उनका अभिनंदन समारोह गर्व और प्रेरणा का सजीव मंच बन गया।
सम्मान समारोह केवल औपचारिक अभिनंदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं और विद्यार्थियों के लिए संवाद, संकल्प और संघर्ष की पाठशाला बन गया। मनस्वी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “इंसान को असाधारण उसकी परिस्थितियां नहीं, बल्कि उसके प्रयास, मेहनत और जज्बा बनाते हैं।”
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “समस्याएं उतनी ही बड़ी होती हैं, जितना हम उन्हें मान लेते हैं। कठिनाइयों के बाद मिलने वाली सफलता की चमक ही हर असफलता का सबसे सशक्त उत्तर होती है और वही आगे बढ़ने की नई ऊर्जा देती है।”
पाँच महीने से भी कम समय में रचा इतिहास
स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सरोज गर्ग ने बताया कि मनस्वी ने पाँच महीने से भी कम समय में चार महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई कर राजस्थान की पहली महिला पर्वतारोही बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने बताया कि मनस्वी ने दक्षिण अमेरिका की अकोन्कागुआ चोटी पर -30 डिग्री सेल्सियस तापमान और तेज बर्फीली हवाओं के बीच तिरंगा फहराया—जो अदम्य साहस और अनुशासन का प्रतीक है।
प्रो. गर्ग ने मनस्वी की उपलब्धियों का विवरण साझा करते हुए बताया कि उन्होंने—
- यूरोप: माउंट एलब्रस (5,642 मीटर),
- अफ्रीका: माउंट किलीमंजारो (5,895 मीटर),
- अंटार्कटिका: विन्सन मैसिफ (4,892 मीटर),
- दक्षिण अमेरिका: अकोन्कागुआ (6,961 मीटर)
पर सफलतापूर्वक आरोहण कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और राजस्थान का नाम रोशन किया।
परिवार, शहर और युवा—सभी बने इस उपलब्धि के सहभागी
इस अवसर पर वित्त सेवा के वरिष्ठ अधिकारी टी.आर. अग्रवाल, माता डॉ. सरोज गुप्ता, लघु भारती के संयोजक मनोज जोशी, डॉ. ओम पारीक, डॉ. शैलेंद्र सोमानी (एमडीएस निदेशक) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महाविद्यालय के अकादमिक एवं मंत्रालयिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी समारोह के साक्षी बने।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश चौबीस ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पुनीत पंडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया।

