24 News update udaipur शिमला में आयोजित 70वीं ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता में सेंट एंथनी स्कूल, उदयपुर की नाट्य प्रस्तुति ‘सूखते गांव की गाथा: क्या आप साथ दोगे?’ ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का परचम भी लहराया।प्रतियोगिता में स्कूल ने सर्वश्रेष्ठ बाल नाटक का खिताब जीतते हुए कुल चार राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए। यह नाटक राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव और वहां के पूर्व सरपंच एवं पर्यावरण सेवक डॉ. श्याम सुंदर पालीवाल के जीवन पर आधारित था। उन्होंने “बेटी बचाओ, पेड़ लगाओ” जैसी अनूठी पहल से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी इन्हीं कोशिशों को छात्रों ने रंगमंच के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया। प्रस्तुति को मिले राष्ट्रीय सम्मान शो में भाग लेने वाले 27 राज्यों के लगभग 1000 प्रतिभागियों और 5000 से अधिक दर्शकों के बीच, सेंट एंथनी स्कूल की प्रस्तुति को चार प्रमुख राष्ट्रीय श्रेणियों में सम्मान मिला: सर्वश्रेष्ठ बाल नाटक – विजेता सर्वश्रेष्ठ स्टेज सेटिंग – श्री वीरेंद्र सिंह रावत (लेखक एवं निर्देशक) सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेत्री – वंशिका चौहान (भूमिका: धरती माँ, किरण की माँ) सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता – सिद्धार्थ शर्मा (भूमिका: सूत्रधार, किसान मीणा, वायु) सजीव अभिनय ने छू लिया हृदय मुख्य निर्णायक, लोकप्रिय टीवी अभिनेता श्री रोहिताश्व गौर तिवारी (भाबी जी घर पर हैं) ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, “बच्चों ने अभिनय नहीं किया, उन्होंने पात्रों को जिया। मंच पर हर दृश्य सजीव चित्र की तरह था जो आत्मा को छू गया।” इस प्रस्तुति की विशेषता थी बच्चों की भावनात्मक गहराई, संवादों का प्रभाव, मंच सज्जा और प्रकाश-ध्वनि संयोजन। प्रकाश व ध्वनि संयोजन गीतांश धांका द्वारा किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कलाकारों की टोली और उनके पात्र इस नाटक में कुल 14 छात्रों ने विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। उनके नाम और भूमिकाएं इस प्रकार हैं: सिद्धार्थ शर्मा – सूत्रधार, किसान मीणा, वायु अविश वनावत – बाबा, चंदूलाल, सिपाही, पर्यावरण दक्ष सालवी – सरपंच हीरेन चौबीसा – आशीष (विद्यार्थी), भेरू, जल देवेश दुबे – देवेश (विद्यार्थी) धीर शाह – सूत्रधार1, करण (विद्यार्थी), गायक1, आकाश निष्का पालीवाल – पिंकी मैम, सूत्रधार2, मीना की बेटी, अमृता देवी वंशिका चौहान – धरती माँ, किरण की माँ काव्या जैन – सीमा मैम, डॉक्टर असिस्टेंट, भेरू की पत्नी नाविका चौहान – रिया (विद्यार्थी), किरण पवित्र जैन – आर्यन (विद्यार्थी), अग्नि, गायक2 आराध्य जांगिड़ – रूपलाल युवराज सिंह अरोड़ा – लल्लू कार्तिक जैन – विद्यार्थी निर्देशक का संदेश श्री वीरेंद्र सिंह रावत, जो इस नाटक के लेखक और निर्देशक हैं, ने कहा – “यह नाटक केवल रंगमंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि हमारी धरती, जल और बेटियों के भविष्य को बचाने का एक संदेश है। अगर आज नहीं चेते, तो कल देर हो जाएगी।” विद्यालय प्रशासन की सराहना विद्यालय के निदेशक श्री एल्बिन डिसूज़ा और प्राचार्य श्री विलियम डिसूज़ा ने बच्चों की टीम को बधाई देते हुए कहा – “यह प्रस्तुति बच्चों की संवेदनशीलता, टीम भावना और रचनात्मकता का प्रतीक है। बच्चों ने जिस परिपक्वता से गंभीर सामाजिक मुद्दों को प्रस्तुत किया, वह आने वाली पीढ़ियों की जागरूकता का प्रमाण है।” डॉ. श्याम सुंदर पालीवाल और ‘पद्मश्री’ सम्मान इस नाटक की प्रेरणा स्त्रोत डॉ. श्याम सुंदर पालीवाल को 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनका जीवन संघर्ष और पिपलांत्री मॉडल इस नाटक का मूल आधार था, जिसने यह संदेश दिया कि समाजिक परिवर्तन छोटे प्रयासों से भी संभव है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation यादें मुस्कुराईं, आंखें नम हुईं : ज्ञान मंदिर के स्थापना दिवस पर बीते लम्हों की छांव में जुटे ज्ञान मंदिर के सितारे, रक्तदान से सेवा, स्मृतियों से स्नेह ने बनाया 59वें स्थापना दिवस को अविस्मरणीय, देश-विदेश से आए पूर्व छात्र, बोले-स्कूल में बसती है हमारी आत्मा उदयपुर के वरदीचंद का अंतिम संस्कार, भाई-बहन शुभ-शगुन की भी आज होंगी अंतिम रस्में; डीएनए से पुष्टि के बाद परिजनों को सौंपे गए शव