24 News Update भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती में एक व्यक्ति की मौत के बाद अब यह साफ हो गया है कि पुलिस से हुई चूक कोई अनजानी भूल नहीं थी, बल्कि जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करने की गंभीर लापरवाही थी। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने शास्त्रीनगर पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई सत्यकाम सिंह सहित दो कॉन्स्टेबल—विनोद और विनोद शर्मा—को निलंबित कर दिया।मकर संक्रांति के दिन पतंग की डोर को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद पथराव में बदल गया। पथराव में 58 वर्षीय अख्तर अली गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस आई, हालात देखे—लेकिन जिस घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाना चाहिए था, उसे मौके पर छोड़ दिया गया। पुलिस की प्राथमिकता घायल नहीं थापुलिस ने अख्तर अली को अस्पताल ले जाने की बजाय उसके तीन दोहितों को पकड़कर थाने ले जाना ज्यादा जरूरी समझा। आरोप है कि अख्तर की पत्नी ने पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर गुहार लगाई—कम से कम एक को छोड़ दीजिए, ताकि पति को अस्पताल पहुंचाया जा सके। लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। याने जहां कानून का पालन करते-करते मानवता पीछे छूट गई। एम्बुलेंस आई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थीपुलिस के जाने के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। परिजन अख्तर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और सवाल उठने लगे— अगर पुलिस घायल को समय पर अस्पताल ले जाती, तो क्या जान बच सकती थी?मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धर्मेंद्र सिंह ने जांच करवाई। जांच में तीनों पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई। इसके बाद एएसआई सत्यकाम सिंह, कॉन्स्टेबल विनोद और कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भीलवाड़ा महिला से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, होटल कर्मचारी गिरफ्तार किशोरी बालिकाओं को किशोरावस्था संबंधी जानकारी देने हेतु जागरूकता गतिविधि का आयोजन