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फूलडोल मेले से उठी जनभावना की हुंकार“शाहपुरा जिला बहाल करो”सेल्फी प्वाइंट बना आंदोलन का प्रतीक, हजारों लोग सोशल मीडिया से सरकार को दे रहे संदेश

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24 News Update शाहपुरा. शहर में अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के विश्व प्रसिद्ध फूलडोल महोत्सव में जहां एक ओर श्रद्धा, भक्ति और परंपरा का संगम दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर मेले में उठ रही “शाहपुरा जिला बहाल करो” की आवाज़ भी लगातार बुलंद होती जा रही है। शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा मेले में लगाया गया सेल्फी प्वाइंट इस बार जनभावनाओं का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है, जहां हर उम्र के लोग उत्साहपूर्वक पहुंचकर अपनी तस्वीर के साथ जिले की बहाली की मांग को सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार तक पहुंचा रहे हैं।संघर्ष समिति के महासचिव कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि मेले में लगाए गए समिति के स्टॉल पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए निःशुल्क पेयजल की व्यवस्था की गई है, वहीं स्टॉल पर स्थापित “शाहपुरा जिला बहाल करो” सेल्फी प्वाइंट जनजागरण का अनूठा माध्यम बन गया है। मेले में आने वाले लोग यहां सेल्फी लेकर फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे हैं, जिससे जिले की बहाली की मांग व्यापक रूप से फैल रही है।मेले में पहुंचे युवा, महिलाएं और छात्र-छात्राएं इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। कई लोग तो अपने परिवार और मित्रों के साथ सेल्फी लेकर इसे “जनता की आवाज़” के रूप में साझा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शाहपुरा को जिला बनाए जाने के बाद उसे समाप्त करना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है, जिसे अब किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।संघर्ष समिति द्वारा सेल्फी अभियान के साथ-साथ हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी सहमति दर्ज करा रहे हैं। संघर्ष समिति के अध्यक्ष दुर्गालाल राजोरा ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित मेले में 34,050 लोगों ने शाहपुरा जिले की बहाली के समर्थन में हस्ताक्षर किए थे, जिन्हें मुख्यमंत्री को भेजकर जनता की भावना से अवगत कराया गया था। इस वर्ष भी हजारों लोग इस अभियान में जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।3 मार्च से ही संघर्ष समिति के स्टॉल पर संरक्षक सत्यनारायण पाठक, अजय मेहता, अध्यक्ष दुर्गालाल राजोरा, संयोजक रामप्रसाद जाट, महासचिव कमलेश मुंडेतिया, सह संयोजक सूर्यप्रकाश ओझा, कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा, प्रवीण पारीक, सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज (छोटू), धनराज जीनगर, मदनलाल कंडारा, दुर्गालाल जोशी, किशनलाल रेगर, रामप्रसाद सेन, दिनेश चंद्र गौड़, साक्षी श्रीवास्तव, कार्तिक दाधीच सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य निरंतर सेवाएं दे रहे हैं तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।संघर्ष समिति के संयोजक रामप्रसाद जाट ने बताया कि 8 मार्च पंचमी के अवसर पर शाम करीब 8 बजे रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज संघर्ष समिति के सेल्फी प्वाइंट पर पहुंचकर शाहपुरा जिला बहाली की मांग को अपना आशीर्वाद देंगे, जिससे आंदोलन को और नई ऊर्जा मिलेगी।फूलडोल मेले में उमड़ती भीड़ और सेल्फी प्वाइंट पर दिखाई दे रहा उत्साह यह साफ संकेत दे रहा है कि शाहपुरा जिले की बहाली अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि जनता की सामूहिक आवाज़ बन चुकी है।
अब देखना यह है कि जनता की इस मजबूत पुकार पर सरकार कब तक ध्यान देती है और शाहपुरा को उसका जिला दर्जा वापस मिलता है या नहीं।

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