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17 से 19 सितम्बर तक उदयपुर में आयोजित होगा नेशनल ट्राईबल फूड फेस्टिवल – 2025

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देशभर के पारंपरिक जनजातीय व्यंजनों का मिलेगा भरपूर स्वाद

24 News Update उदयपुर – भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में घोषित जनजातीय गौरव वर्ष – 2025 के तहत एक विशेष आयोजन किया जा रहा है। आगामी 17 से 19 सितम्बर तक उदयपुर के नगर निगम टाउन हॉल परिसर में नेशनल ट्राईबल फूड फेस्टिवल – 2025 आयोजित होगा।
इस अनूठे फेस्टिवल में देशभर की जनजातियों से परंपरागत व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में लगभग 100 पाक कलाकार अपनी पाक कला का जलवा बिखेरेंगे। आयोजन में प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
प्रमुख आकर्षण व्यंजन
टीआरआई निदेशक ओ. पी. जैन के अनुसार, फेस्टिवल में महाराष्ट्र, केरल, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, दादर-नगर हवेली, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान की जनजातियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले पारंपरिक व्यंजन प्रमुख आकर्षण बनेंगे। इनमें शामिल हैं – मासवडी, डांगर भाकरी, मुलायरी पायसम, रागी पजन्पुरी, लाल ज्वारी के लड्डू, कद्दू खीर, रागी लड्डू, बेम्बू अचार, मंडिया रोटी, नागली व्यंजन, घूघरी, मक्के का खींचड़ा, महुआ के लड्डू, केर सांगरी (पंचकुटा) आदि।
सांस्कृतिक विविधता का संगम
यह फेस्टिवल न केवल भारतीय सांस्कृतिक विविधता को उजागर करेगा, बल्कि वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी बल प्रदान करेगा। पाक कलाकार अपने अनूठे व्यंजन बनाने के विधियों को साझा करेंगे, जिससे राज्यों के बीच खाद्य संस्कृति का आदान-प्रदान भी सुनिश्चित होगा।
पर्यटन और खाद्य उद्यमिता को मिलेगा प्रोत्साहन
यह आयोजन उदयपुर के लिए एक सांस्कृतिक व पर्यटन दृष्टि से विशेष अवसर साबित होगा। पर्यटक और स्थानीय नागरिक देशभर की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकेंगे। साथ ही फूड ब्लॉगर, शोधकर्ता व खाद्य उद्यमियों को अपने व्यवसाय व शोध के लिए नए आयाम प्राप्त होंगे।

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