24 News Update भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले के तहसील कोटड़ी के ग्राम पितास में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाने को लेकर उपजे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में दलित समाज के प्रतिनिधियों और संगठनों ने पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।जिलाध्यक्ष पंकज डीडवानिया ने बताया कि शिकायत के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पितास में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम चल रहा था। ग्रामीणों ने देखा कि वहां अन्य महापुरुषों की तस्वीरें तो थीं, लेकिन बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की तस्वीर गायब थी। जब ग्रामीण सांवरमल बैरवा और अन्य साथियों ने विद्यालय प्रशासन से बाबा साहब की तस्वीर लगाने का आग्रह किया, तो उन्हें बताया गया कि विद्यालय में फोटो उपलब्ध नहीं है। इसके बाद जब सांवरमल और अन्य ग्रामीण अपने निजी खर्च पर बाबा साहब की तस्वीर लेकर विद्यालय पहुंचे,तो गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों ने एकजुट होकर उन्हें तस्वीर लगाने से रोक दिया।विपक्षी आरोपियों (भंवरसिंह, बबलू सिंह, राजेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, श्याम गिरी, विष्णु प्रजापत, अर्जुनसिंह आदि) ने सार्वजनिक स्थान पर न केवल बाबा साहब की तस्वीर का अपमान किया, बल्कि ’’राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’’ और एस.सी./एस.टी. एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए जातिगत गालियां दीं। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें गांव से निकालने और राशन-पानी बंद करने की धमकी दी गई, आम रास्तों और कुओं से पानी लेने पर पाबंदी लगाने की बात कही गई, जान से मारने और गांव में देख लेने की धमकियां दी जा रही हैं। संगठन ने पुलिस प्रशासन की ढिलाई पर भी गहरा रोष व्यक्त किया है। जिला संयोजक मोतीलाल सिंघानिया ने बताया गया कि घटना के दिन (26 जनवरी) को ही थाना बडलियास में लिखित रिपोर्ट दी गई थी,लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामला दबाने और समझाइश के नाम पर पीड़ितों को ही परेशान करना शुरू कर दिया है। दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता व एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने एवं पीड़ित सांवरमल और अन्य ग्रामीणों के जान-माल की रक्षा हेतु पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाने की मांग की गई। जल्द न्याय नहीं मिलने पर समाज द्वारा उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।संविधान निर्माता का अपमान करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही हो जिससे समाज में संविधान और कानून के प्रति विश्वास बना रहे।इस दौरान दुर्गालाल आजाद, रामसुख बैरवा, रामलाल मेघवंशी, मुकेश बलाई, कालू लाल बलाई, कन्हैया बैरवा, प्रधान बलाई, विनोद बलाई, अमरचन्दबलाई, प्यारेलाल बैरवा, छोटू सारण, जयकिशन बैरवा, ओमप्रकाश खटीक, मनोहर लाल बैरवा, मंजू देवी,राजु लाल बलाई, चिरंजी लाल रेगर, सांवर बैरवा, मनोहर बैरवा, चिरंजीलाल बारोलिया आदि उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कल्याणम संस्थान ने जहाजपुर की 26 प्रतिभावान बेटियों को वितरित किए टेबलेट स्वामी विवेकानंद सर्कल पर स्वामी विवेकानंद जी की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण, स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा की दिशा दिखाते हैं – सांसद जोशी