24 न्यूज अपडेट उदयपुर, श्री श्याम सेवा ट्रस्ट, उदयपुर की ओर से डबोक एयरपोर्ट रोड स्थित तुलसीदास सराय में निर्माणाधीन भव्य खाटूश्याम मंदिर के गर्भगृह का आधार तैयार हो चुका है। आज मंगलवार, 10 जून को इस अवसर पर भव्य शिला पूजन और कीर्तन महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन मंदिर निर्माण कार्य के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।शिला पूजन व पूज्य संतों का सान्निध्यट्रस्ट अध्यक्ष शशिकांत खेतान ने बताया कि आज सायं 5:15 बजे वृंदावन से पधारे आचार्य ब्रजेश जी महाराज के सान्निध्य में ट्रस्टीगण एवं गणमान्यजनों द्वारा विधिवत शिला पूजन कर शिलाओं को मंदिर के गर्भगृह में धराया जाएगा। 11000 वर्गफीट क्षेत्र में गर्भगृह का आधार रविवार को ही तैयार हो चुका है। इस गर्भगृह में पांचों मंदिरों—श्री गणेशजी, हनुमानजी, शंकरजी, राणीसती दादीजी एवं मुख्य खाटूश्यामजी—में चरणकमल स्थापित किए जाएंगे।फूल बंगला और श्रृंगारित दरबार में बाबा श्याम विराजेंगेसायं 7:15 बजे से शुरू होने वाले भव्य दरबार को जयपुर के साँवरिया डेकोरेटर द्वारा कोलकाता व बेंगलुरु से लाई गई रंग-बिरंगी फूलमालाओं, स्वर्णाभूषणों, कुण्डल, मुकुट, छत्र व हार आदि से श्रृंगारित किया जाएगा। मोगरे की मालाओं से सुवासित सुंदर फूल बंगले में बाबा श्याम को विराजमान किया जाएगा। बढ़ती भक्तसंख्या, गर्मी व संभावित वर्षा को देखते हुए समुचित सुरक्षा व सुविधाजनक व्यवस्था की गई है।भजन संध्या में गूंजेंगे श्याम नाम के स्वरभजन संध्या में कोलकाता के प्रसिद्ध संजू शर्मा बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति देंगे, जिनका साथ देगा कन्हैया म्यूजिकल ग्रुप। साथ ही सम्बलपुर (ओडिशा) से शुभांगी सोनी और उदयपुर की प्रसिद्ध गायिका केमिता राठौड़ भी अपनी प्रस्तुति देंगी। अजमेर के दिवेश साउंड व हिमांशु साउंड की मधुर ध्वनि और नीमच के संगतकारों की सुर-लय-ताल से वातावरण भक्तिमय बनेगा।छप्पन भोग प्रसाद व विशाल भंडाराबाबा श्याम के समक्ष तुलसी, पंचामृत, खीर, चूरमा आदि पारंपरिक व्यंजनों सहित छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। आरती के पश्चात सभी भक्तों को पंक्तिबद्ध रूप से प्रसाद और भंडारा वितरित किया जाएगा।अनुशासन, श्रद्धा और सुव्यवस्थाट्रस्टी अशोक पोद्दार ने बताया कि पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गई है। दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की गई है, जिससे भक्त अनुशासनपूर्वक दर्शन कर सकें। सभी से अनुरोध किया गया है कि जूते-चप्पल यथासंभव वाहन में ही उतारें, दर्शन की लंबी लाइन के कारण कुछ समय बैठकर भजन सुनें, आरती के समय धक्का-मुक्की न करें तथा भंडारा प्रसाद पंक्ति में प्राप्त करें।मंदिर का स्वरूप व निर्माण प्रगतिमीडिया प्रभारी डॉ. बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि मंदिर का कुल क्षेत्रफल 1,17,000 वर्गफीट होगा। मुख्य मंदिर का फ्लोर एरिया 13,000 वर्गफीट तथा उसके नीचे 9,000 वर्गफीट का सत्संग हॉल निर्माणाधीन है। मंदिर की ऊंचाई 91 फीट होगी, जो मुख्य हाईवे से 20 फीट ऊंचा होने के कारण सड़क से ही दर्शन संभव होंगे। मंदिर में वही पत्थर उपयोग हो रहे हैं, जो अयोध्या के राम मंदिर में लगे हैं और इन्हें बान्सी-भरतपुर से मंगवाया गया है। भावी विकास योजनाएं भी तय सचिव प्रताप गुप्ता ने बताया कि पांच मंदिरों, सत्संग हाल और कीर्तन स्थल के अलावा एक गौशाला, 100 कमरों की धर्मशाला, वृद्धाश्रम तथा 30,000 स्क्वायर फीट का सुंदर गार्डन भी प्रस्तावित है। निर्माण में दिखा अद्भुत समर्पण मुख्य आर्किटेक्ट राजू शर्मा ने बताया कि रविवार को केवल 10 दिनों में 11,000 वर्गफीट छत की भराई 100 इंजीनियरों, कारीगरों, मजदूरों और सेवकों के अथक प्रयासों से पूर्ण की गई, जो उनके दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर का परिणाम विवादों में, छात्रों ने की पुनर्मूल्यांकन की मांग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ बढ़ा छात्रों का रोष शिक्षक संघ ने ग्यारह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन, डीपीसी, स्थानांतरण, वेतन विसंगति, रिक्त पदों की भरती और छाया पद सृजन की मांग प्रमुख