प्राइवेट जॉब : अपने चहेते गिद्द बुलाकर कर लेते हैं गिद्दभोज, कत्ल करते हैं महफिल में, आह भी नहीं भरते!!
डिस्क्लेमर यह संपादकीय किसी विशेष शहर, विद्यालय या संस्था का नाम लिए बिना लिखा जा रहा है। यदि वर्णित परिस्थितियां किसी स्थान या घटनाक्रम से मेल खाती प्रतीत हों, तो…