24 News update नई दिल्ली, 19 मार्च 2025 – भारतीय रेलवे में अब भी अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था चल रही है। तब अंग्रेस अधिकारी विशेष रेल कारों से आते जाते थे अब अफसर आते हैं। भाजपा की सरकारी एक दशक बाद भी इसे नहीं बदल पाई है। अब इस पर लोकसभा में ध्यान दिला कर उदयपुर डॉक्टर सांसद मन्नालाल रावत ने जोरदार बहस को जन्म दिया है। आखिर अधिकारियों को गोल्ड पास क्यों?? आखिर अधिकारियों के पास विशेष रेलवे निरीक्षण कार में सपरिवार सैर सपाटे का खास अधिकार क्यों। आज 24 न्यूज अपडेट की इस खास खबर में हम कर रहे हैं इसका पूरा विश्लेषण। अधिकारियों के लिए उपलब्ध निरीक्षण कार (Inspection Car), ऑब्जर्वेशन कार (Observation Car) और सैलून (Saloon) को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। इस विवाद की शुरुआत उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के लोकसभा में पूछे गए प्रश्न से हुई, जिसमें उन्होंने रेलवे निरीक्षण कारों की प्रासंगिकता और ‘गोल्ड पास’ जैसी सुविधाओं पर सरकार का रुख स्पष्ट करने को कहा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में उत्तर देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे के पास वर्तमान में 352 निरीक्षण कारें हैं, जिनका उपयोग केवल अधिकृत रेलवे अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कार्यों के लिए किया जाता है। हालांकि, इस उत्तर के बाद ही देशभर में यह बहस तेज हो गई कि क्या डिजिटल मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक तकनीकों के युग में ऐसी विशेषाधिकार प्राप्त सुविधाओं की अब भी जरूरत है? गोल्ड पास और निरीक्षण कार: विशेषाधिकार या सुविधा? भारतीय रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास ‘गोल्ड पास’ होता है, जो उन्हें और उनके परिवार को रेलवे में विशेष सुविधाएं प्रदान करता है। इसके तहत वे निरीक्षण कारों और सैलून का उपयोग निजी या ड्यूटी यात्रा के दौरान कर सकते हैं। यह सुविधा दशकों पुरानी है, लेकिन क्या यह आज के समय में भी उचित है? निरीक्षण कारों से जुड़े प्रमुख सवाल: रेलवे अब भी निरीक्षण कार और सैलून का उपयोग क्यों करता है? ✅ उत्तर: निरीक्षण कारों का उपयोग रेलवे अधिकारी पटरियों, स्टेशनों और अन्य बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए करते हैं। कितनी निरीक्षण कारें वर्तमान में भारतीय रेलवे में उपलब्ध हैं? ✅ उत्तर: भारतीय रेलवे के पास कुल 352 निरीक्षण कारें हैं। क्या गोल्ड पास के तहत अधिकारी और उनके परिवार इसका उपयोग कर सकते हैं? ✅ उत्तर: हां, रेलवे के नियमों के अनुसार, अधिकारी ड्यूटी पर रहते हुए परिवार के सदस्यों को साथ ले जा सकते हैं। क्या सरकार इस व्यवस्था की समीक्षा करने जा रही है? ✅ उत्तर: फिलहाल कोई औपचारिक समीक्षा प्रस्तावित नहीं है। लेकिन बहस तेज होने के कारण यह जल्द ही सरकार के एजेंडे में आ सकता है। गोल्ड पास और निरीक्षण कारों पर छिड़ी बहस 🔹 समर्थकों का तर्क: रेलवे निरीक्षण कारें पटरियों और रेलवे बुनियादी ढांचे के भौतिक निरीक्षण के लिए जरूरी हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल मॉनिटरिंग हमेशा कारगर नहीं होती, इसलिए यह व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। रेलवे अधिकारियों को सुचारू कार्य करने के लिए यह सुविधा आवश्यक है। 🔹 विरोधियों का तर्क: क्या यह सुविधा पारदर्शी है? क्या रेलवे अधिकारी वास्तव में निरीक्षण के लिए इनका उपयोग कर रहे हैं? आज जब रेलवे में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजिंग और डिजिटल ट्रैकिंग तकनीकें उपलब्ध हैं, तो क्या फिजिकल निरीक्षण की जरूरत अब भी बनी रहनी चाहिए? ‘गोल्ड पास’ जैसी व्यवस्थाएं कुछ अधिकारियों के लिए अतिरिक्त लाभ पहुंचाती हैं, जबकि आम जनता को महंगी रेलवे सेवाओं से जूझना पड़ता है। निरीक्षण कार और गोल्ड पास: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य वर्षघटनाब्रिटिश काल (19वीं सदी)रेलवे अधिकारियों के लिए विशेष डिब्बे की शुरुआत1947 – भारत की आज़ादीभारतीय रेलवे ने निरीक्षण कारों का उपयोग जारी रखा1990 के बादडिजिटल तकनीक और सैटेलाइट मॉनिटरिंग की शुरुआत2025 – वर्तमान352 निरीक्षण कारें सक्रिय, समीक्षा की मांग उठी निष्कर्ष: क्या सरकार समीक्षा करेगी? डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा उठाए गए इस प्रश्न ने भारतीय रेलवे में पारदर्शिता और विशेषाधिकारों के सवाल को हवा दे दी है। जहां रेलवे इसे एक आवश्यक सुविधा मानता है, वहीं कई विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि इसकी प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहे हैं। 🚆 अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस पुरानी व्यवस्था की समीक्षा करेगी या यह विशेषाधिकार यूं ही जारी रहेगा? Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation खाओ खिलाओ वन्यजीव अभयारण्य: एसीबी की बड़ी कार्रवाई, क्षेत्रीय वन अधिकारी और वन रक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार सहस्त्रबाहु नारी शक्ति संगठन ने मनाया फाग उत्सव एवं होली मिलन समारोह