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सीनाजोरी : सीपीएस, सेंट्रल एकेडमी और रॉकवुड स्कूल कोर्ट आदेश की मनमानी व्याख्या कर आरटीई में प्रवेश से कर रहे इनकार, शिक्षा विभाग बोला-सख्त कार्रवाई करेंगे

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24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। उदयपुर जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। शहर के प्रमुख निजी स्कूल सीपीएस स्कूल, सेंट्रल एकेडमी स्कूल और रॉकवुड स्कूल द्वारा आरटीई के तहत पात्र बच्चों को न तो प्रवेश दिया जा रहा है और न ही विभागीय आदेशों का पालन किया जा रहा है। ये स्कूल राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक स्थगन आदेश का हवाला देते हुए गुमराह कर रहे हैं। जबकि शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश स्पष्ट और प्रभावी हैं।
न्यायालय के आदेश की आड़ में मनमानीः गलत व्याख्या से हो रही अभिभावकों से ठगी
शहर के सीपीएस स्कूल, सेंट्रल एकेडमी स्कूल और रॉकवुड स्कूल ने अभिभावकों को स्पष्ट रूप से यह कहकर आरटीई के अंतर्गत प्रवेश देने से इनकार कर दिया कि न्यायालय ने 2 मई 2025 को पारित स्थगन आदेश के तहत फिलहाल प्रवेश रोक दिए गए हैं। जबकि सच्चाई यह है कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर द्वारा पारित सिविल जनहित याचिका में पूर्व में पारित आदेश दिनांक 23.10.2021 एवं 23.05.2022 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि शैक्षिक सत्र 2022-23 से आरटीई के तहत पूर्व-प्राथमिक पीपी3$ (आयु 3-4 वर्ष) और कक्षा-1 में निःशुल्क प्रवेश अनिवार्य रहेगा।
हालाँकि 18 जुलाई 2023 को न्यायालय ने याचिका संख्या 8567/2023 (नीरजा मोदी बनाम राज्य सरकार) में पीपी 4$ एवं पीपी 5$ कक्षाओं को पुनर्भरण से बाहर रखने का निर्णय सुनाया था, जिसे बाद में अपील संख्या 792/2023 के अंतर्गत 2 मई 2025 को आंशिक रूप से स्थगित कर दिया गया। यह स्थगन केवल पैरा संख्या 44 से संबंधित है, जिसमें पीपी 3$ और कक्षा-1 को एंट्री लेवल मानते हुए पुनर्भरण की बात की गई थी।
स्पष्ट गाइडलाइनः पीपी 3$ और कक्षा-1 में ही प्रवेश, अन्य कक्षाएं बाहर
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा 17 जुलाई 2025 को आदेश संख्या शिविरा/प्रांर/आरटीई/सी/18878/आरटीई दिशा-निर्देश/2025-26 के तहत जारी की गई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र 2025-26 में केवल पीपी3$ एवं कक्षा-1 में आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा और पीपी 4$ एवं पीपी 5$ जैसी पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश के लिए कोई भी पुनर्भरण अथवा आरटीई का लाभ अनुमन्य नहीं होगा।
डीईओ उदयपुर का निर्देशः शिकायत मिली तो रद्द होगी मान्यता
जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) उदयपुर ने विभागीय पत्र संख्या 4770 के तहत शहर के सभी निजी विद्यालयों को आदेशित किया है कि वे आरटीई पोर्टल पर चयनित विद्यार्थियों को पीपी3$ और कक्षा-1 में बिना फीस लिए तत्काल प्रवेश दें। यदि किसी विद्यालय द्वारा प्रवेश से इनकार किया गया या फीस की मांग की गई, तो राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 एवं नियम 1993 (संशोधित 2011) के तहत कार्यवाही की जाएगी, जिसके तहत विद्यालय की मान्यता रद्द करने की कार्यवाही भी की जा सकती है।
डीईओ कार्यालय में पिछले एक सप्ताह में कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उनके बच्चों को आरटीई पोर्टल से चयनित होने के बावजूद सीपीएस स्कूल, सेंट्रल एकेडमी स्कूल और रॉकवुड स्कूल में प्रवेश नहीं मिल रहा है और उन्हें सामान्य फीस जमा करने को कहा जा रहा है। यह आरटीई अधिनियम 2009 की खुली अवहेलना है।
राज्य सरकार के अधिकारी की स्पष्ट चेतावनी
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, बीकानेर, श्री सीताराम जाट आईएएस ने स्पष्ट किया है कि “सत्र 2025-26 हेतु विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश पूर्णतया प्रभावी हैं। यदि कोई विद्यालय न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर बच्चों से फीस मांग रहा है या उन्हें प्रवेश से वंचित कर रहा है तो यह गंभीर प्रशासनिक उल्लंघन है और उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
अभिभावकों से अपीलः करें शिकायत, मिलेगी सहायता
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि किसी निजी विद्यालय द्वारा आरटीई के तहत चयनित बच्चे को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है या किसी प्रकार की राशि मांगी जा रही है, तो वे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी या डीईओ कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाएं। सभी शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। यदि इन तीनों स्कूलों ने तुरंत प्रवेश नहीं दिए व इनकार किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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