24 News Update जहाजपुर. जहाजपुर कस्बे में पंचायतीराज विभाग ने आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के आदेश की पालना करते हुए पंडेर ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच ममता जाट को दोबारा पदभार दिलाने के आदेश जारी कर दिए हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबित की गई ममता जाट को हाईकोर्ट से पहले ही राहत मिल चुकी थी, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर आदेश की पालना करीब सात महीने तक लंबित रही।दरअसल, पंडेर ग्राम पंचायत की तत्कालीन सरपंच ममता जाट को 7 जून 2025 को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पंचायतीराज विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद तत्कालीन उपसरपंच शंकर लाल गुर्जर को प्रशासक नियुक्त कर पंचायत का कार्यभार सौंपा गया।
निलंबन कार्रवाई को गलत बताते हुए ममता जाट ने 21 मई 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निलंबन प्रक्रिया में त्रुटियां मानते हुए 4 जुलाई 2025 को निलंबन आदेश पर स्थगन दे दिया था।
इसके बावजूद प्रशासन द्वारा लंबे समय तक आदेश की पालना नहीं की गई। अब पंचायतीराज शासन सचिवालय जयपुर ने हाईकोर्ट के आदेश की पालना करते हुए निलंबन आदेश को वापस ले लिया है। इसके बाद जिला परिषद भीलवाड़ा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निर्देश पर जहाजपुर पंचायत समिति के विकास अधिकारी को ममता जाट को पुनः पदभार ग्रहण करवाने के आदेश जारी किए गए हैं।इस आदेश के बाद पंडेर ग्राम पंचायत में एक बार फिर निर्वाचित सरपंच की वापसी हो गई है, जिससे स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के सात महीने बाद बड़ी कार्रवाई, पूर्व सरपंच ममता जाट को फिर मिला पदभार

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