Site icon 24 News Update

दिल्ली में थर्ड जेंडर के लिए अलग टॉयलेट और स्वास्थ्य सेवाएं: ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन

Advertisements

24 News update नई दिल्ली | दिल्ली सरकार ने राजधानी को एक समावेशी और न्याय आधारित समाज बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए व्यापक कल्याण योजनाओं और अधिकारों की गारंटी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को प्रेस को संबोधित करते हुए ‘ट्रांसजेंडर कल्याण एवं सशक्तिकरण बोर्ड’ के गठन की घोषणा की, जो नीति निर्माण से लेकर शिकायत निवारण तक, इस समुदाय की आवाज बनेगा।

सरकारी इमारतों में थर्ड जेंडर के लिए अलग शौचालय

अब दिल्ली की सरकारी इमारतों में थर्ड जेंडर के लिए अलग टॉयलेट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इससे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों पर सम्मानजनक और सुरक्षित सुविधा मिलेगी। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में उनके लिए अलग वार्ड, विशेष चिकित्सा सेवाएं और लिंग पहचान पर आधारित स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

पहचान पत्र और प्रमाणन की पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया

सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए पहचान पत्र एवं प्रमाणपत्र जारी करने की समयबद्ध, पारदर्शी और ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित करने का निर्णय लिया है। अब व्यक्ति स्वयं अपनी लिंग पहचान की पुष्टि कर ज़िला मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

शिक्षा और कार्यस्थलों पर जागरूकता अभियान

नई पहल के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों पर ट्रांसजेंडर के अधिकारों के लिए व्यापक जागरूकता और संवेदनशीलता अभियान चलाए जाएंगे, जिससे भेदभाव के माहौल को खत्म किया जा सके और समान अवसर सुनिश्चित हो सकें।

आश्रय, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अस्थायी आश्रय गृह, रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी लागू करने की तैयारी कर ली है। इन पहलों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने कहा,

“यह केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय को गरिमा, अधिकार और अवसर देने की हमारी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारी सोच है कि दिल्ली ऐसी राजधानी बने जहां कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान के कारण वंचित या अपमानित महसूस न करे।”

उन्होंने आगे कहा,

“हम संविधान में निहित समानता और न्याय के आदर्शों को चरितार्थ कर रहे हैं। यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।”

Exit mobile version