24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 9, 10 एवं 101 के तहत, उदयपुर जिले में पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के पुनर्सीमांकन, पुनर्गठन और नवसृजन का प्रस्ताव रखा गया है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने आम जनता से आपत्तियां आमंत्रित की हैं। राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 15(36) पुनर्गठन/विधि/प.रा./2024/02 10 जनवरी के अंतर्गत, अधिनियम में निहित शक्तियों को जिला कलेक्टरों को प्रयोगार्थ सौंपा गया है। इसी क्रम में, उदयपुर जिला कलेक्टर नमित मेहता ने उक्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को सार्वजनिक किया है। प्रस्ताव के अनुसार, संबंधित पंचायतों की सीमाओं में बदलाव किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इस संदर्भ में तैयार प्रारूप को 6 मई 2025 तक के लिए जनसाधारण के निरीक्षण हेतु जारी किया गया है। इस अवधि के भीतर कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्तियां या सुझाव प्रस्तुत कर सकता है।
आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी राय संबंधित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, या जिला कलेक्टर कार्यालय, उदयपुर के भू-अभिलेख विभाग (कमरा नंबर 251) में दर्ज कराएं। प्रस्तावित पुनर्गठन से जुड़े विस्तृत विवरण के लिए प्रारूप सूची नीचे देखें —-
पूरी सूची देखें : इन पंचायतों के पुनर्गठन प्रस्ताव, एक माह में मांगी आपत्तियां, ऋषभदेव, बड़गांव, भीण्डर, वल्लभनगर, नयागांव, खेमली, मावली, गोगुंदा, सायरा, कुराबड़, गिर्वा, देवला, कोटड़ा, झाड़ोल, खेरवाड़ा में हुआ बदलाव……

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