24 News Update उदयपुर। आईसीएआर-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल की उच्च स्तरीय निरीक्षण टीम ने महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के उदयपुर केंद्र पर संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (गेहूं एवं जौ) का दौरा कर विभिन्न परीक्षणों का अवलोकन किया।
प्रधान वैज्ञानिक डॉ. चुन्नीलाल के नेतृत्व में आई टीम में डॉ. प्रदीप सिंह शेखावत (आचार्य, पौध रोग विज्ञान) और डॉ. कविता भादू (सहायक आचार्य, सस्य विज्ञान) शामिल रहे। दल ने जातीय एवं कृषि संबंधी प्रयोगों, पौध सुरक्षा अध्ययनों तथा जौ के गुणवत्ता मापदंडों की समीक्षा की। साथ ही फसल प्रबंधन प्रथाओं, डेटा रिकॉर्डिंग प्रणाली और आईसीएआर दिशा-निर्देशों के अनुपालन का मूल्यांकन किया।
परियोजना प्रभारी डॉ. अभय दशोरा ने केंद्र पर संचालित गेहूं व जौ परीक्षणों के उद्देश्य, प्रायोगिक डिजाइन और उपचारों की जानकारी देते हुए क्षेत्र में प्रचलित किस्मों की उत्पादन क्षमता, रोग व निमेटोड प्रतिरोधकता तथा गुणवत्ता पर प्रकाश डाला।
निदेशक अनुसंधान डॉ. अरविंद वर्मा के साथ आयोजित बैठक में किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च उत्पादक एवं जलवायु-अनुकूल किस्मों के विकास पर बल दिया गया। टीम ने किसानों से संवाद कर नई किस्मों को अपनाने संबंधी फीडबैक लिया तथा विद्यार्थियों से शोध कार्यक्रमों पर चर्चा कर सुधार हेतु सुझाव दिए।
आईसीएआर टीम ने अनुसंधान कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं और जौ की उत्पादकता बढ़ाने के लिए समन्वित अनुसंधान को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
वैज्ञानिक दल ने गेहूं–जौ अनुसंधान परीक्षणों का किया अवलोकन

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