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सवाई माधोपुर पुलिस का ऑपरेशन शिकंजा: 11 साल का इंतज़ार खत्म, हरिद्वार और पंजाब से दबोचे गए 30 हजार के दो इनामी बदमाश

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24 News Update जयपुर। सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के निर्देशन में जिले की पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने दो अलग-अलग राज्यों उत्तराखंड और पंजाब में दबिश देकर वर्षों से फरार चल रहे 30 हजार के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

  1. हरिद्वार में एम्बुलेंस चालक बनकर छिपा था 25 लाख का धोखेबाज मनीष

सवाई माधोपुर का शातिर अपराधी मनीष उपाध्याय, जो 2015 से पुलिस को चकमा दे रहा था, आखिरकार हरिद्वार की गलियों से दबोचा गया। मनीष ने जमीन के सौदे के नाम पर एक व्यक्ति से 25 लाख रुपये हड़प लिए थे और तब से परिवार सहित फरार था। उस पर एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था।
पकड़ने का फिल्मी तरीका : पुलिस टीम को सूचना मिली कि मनीष हरिद्वार में पहचान बदलकर मेडिकल लाइन में काम कर रहा है। जब पुलिस ने पहली लोकेशन पर छापा मारा, तो वह मकान खाली कर भाग निकला। टीम ने हिम्मत नहीं हारी और हरिद्वार के दर्जनों अस्पतालों में छानबीन की। पता चला कि मनीष खुद की एम्बुलेंस चला रहा है। दो दिनों तक लगातार पीछा करने के बाद टीम ने उसे धर दबोचा।

  1. गंगापुर सिटी के चर्चित चेयरमैन हत्याकांड का आखिरी शूटर गिरफ्तार

गंगापुर सिटी के बहुचर्चित प्रकाश चन्द अग्रवाल हत्याकांड के आखिरी वांछित आरोपी रणजीत सिंह को पुलिस ने पंजाब के मोगा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। जून 2015 में बदमाशों ने पूर्व चेयरमैन प्रकाश चन्द अग्रवाल की उनके घर के बाहर गाड़ी में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड ने पूरे राजस्थान को हिला दिया था।
इस मामले में कुल 15 आरोपी थे, जिनमें से 14 पहले ही पकड़े जा चुके थे। केवल रणजीत सिंह पुलिस की पहुंच से दूर था। रणजीत पिछले 11 सालों से पंजाब, राजस्थान और यूपी में ठिकाने बदल रहा था। सायबर सेल की तकनीकी मदद और मुखबिर की सूचना पर जब वह अपने गांव दारापुर (मोगा) आया, तो मानटाउन पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे उसके घर से ही दबोच लिया।
इन दोनों कार्यवाहियों में मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता, सायबर सेल के एसआई अजीत मोगा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से उनकी फरारी के दौरान किए गए अन्य अपराधों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।

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