24 News Update जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की लिपिक भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर चयनित हुई महिला अभ्यर्थी संगीता विश्नोई को SOG ने गिरफ्तार कर लिया है। संगीता ने नकल के दम पर कनिष्ठ न्यायिक सहायक (ग्रेड-द्वितीय) की परीक्षा पास की और वर्तमान में पाली जिले के देसूरी न्यायालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थी।
पौरव कालेर गैंग ने कराया था ब्लूटूथ से नकल
एडीजी एसओजी-एटीएस वी.के. सिंह ने बताया कि इस भर्ती में संगठित नकल गिरोह के सरगना पौरव कालेर ने अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल करवाई।
पौरव कालेर ने परीक्षा के दिन सालासर स्थित होटल में बैठकर मोबाइल कॉल के माध्यम से उत्तर बताए। इसी तरीके से 19 मार्च 2023 को आरएनबी विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रही संगीता विश्नोई को भी नकल कराई गई।
सार्वजनिक परीक्षा में धोखाधड़ी कर बनी लिपिक
जांच में सामने आया है कि संगीता विश्नोई ने इस नकल तंत्र का फायदा उठाकर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा आयोजित वर्ष 2022 की लिपिक भर्ती परीक्षा पास की। उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा 12 मार्च और 19 मार्च 2023 को दोपहर 12 से 2 बजे के बीच आयोजित हुई थी। इसके बाद संगीता कनिष्ठ लिपिक (ग्रेड-द्वितीय) पद पर चयनित होकर देसूरी सिविल न्यायालय में नियुक्त हो गई।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी, अन्य गिरफ्तारी संभव
एसओजी की पड़ताल में आरोप प्रमाणित होने पर एएसपी प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए संगीता विश्नोई को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में उससे पूछताछ और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार इस गिरोह से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों और सहयोगियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
SOG का बड़ा ऑपरेशन: हाईकोर्ट परीक्षा में संगठित नकल रैकेट का पर्दाफाश
यह मामला राजस्थान में सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और न्यायिक सेवा में चयन प्रक्रिया की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ब्लूटूथ जैसे तकनीकी साधनों से हो रही नकल से राज्य सरकार और न्यायपालिका दोनों की साख को नुकसान पहुँचा है। SOG ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो भी नकल व धोखाधड़ी के माध्यम से चयनित हुआ है, उसे कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
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