24 News Update जयपुर। भारतीय रेल ने यात्रियों की सुरक्षा, आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी बदलाव शुरू किए हैं। नई पीढ़ी के कोच, सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें और आधुनिक सुरक्षा सिस्टम के जरिए रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
एलएचबी कोच: सुरक्षित और आरामदायक सफर की रीढ़
रेलवे अब पारंपरिक ICF कोचों की जगह एलएचबी कोच को तेजी से बढ़ा रहा है। इन कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम, एयर सस्पेंशन और कम जंग लगने वाली तकनीक जैसी खूबियां हैं, जो दुर्घटना के समय नुकसान को कम करती हैं और सफर को ज्यादा स्मूद बनाती हैं।
अप्रैल 2018 से रेलवे उत्पादन इकाइयों में सिर्फ एलएचबी कोच ही बनाए जा रहे हैं। 31 मार्च 2026 तक 51,833 एलएचबी कोच तैयार हो चुके हैं और 1,556 पुराने रेक को इन आधुनिक कोचों में बदला जा चुका है।
वंदे भारत: तेज, स्मार्ट और सुरक्षित
देश में सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों के रूप में वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार तेजी से हुआ है। फिलहाल 162 चेयर कार सेवाएं चल रही हैं।
इन ट्रेनों में कवच सुरक्षा प्रणाली, ऑटोमैटिक प्लग डोर, सीसीटीवी, इमरजेंसी अलार्म और टॉक-बैक यूनिट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड और बेहतर एक्सेलरेशन इन्हें तेज और कुशल बनाते हैं। आग से सुरक्षा के लिए एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्र में वर्तमान में 5 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
लंबी दूरी के लिए वंदे भारत स्लीपर
लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वंदे भारत का स्लीपर वर्जन भी शुरू किया गया है। अभी 2 ट्रेनें सेवा में हैं, जिनमें क्रैशवर्थी डिजाइन, फायर बैरियर डोर, एंटी-क्लाइंबर, सेमी-परमानेंट कपलर और सीसीटीवी जैसे उन्नत फीचर्स मौजूद हैं। इसके साथ ही यात्रियों और लोको पायलट के बीच इमरजेंसी संचार के लिए टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत संपर्क संभव हो पाता है।
आगे का रास्ता
इन सभी पहलों के जरिए भारतीय रेल न केवल सुरक्षा मानकों को मजबूत कर रहा है, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इन आधुनिक तकनीकों और ट्रेनों का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे रेल यात्रा और अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक बन सके।

