24newsupdate उदयपुर। ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट -2024‘‘ के संदर्भ में राज्य सरकार के साथ एमओयू निष्पादन करने वाले निवेशकों के लिए रीको द्वारा चिन्हित औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड के आरक्षित मूल्य पर औद्योगिक भूखंडों के प्रत्यक्ष आवंटन योजना जारी कर दी गई है। ऐसे उद्यमी जिन्होंने इस पॉलिसी के लागू होने की तिथि तक राज्य सरकार के साथ निवेश हेतु मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) निष्पादित किया हो तथा ऑनलाईन आवेदन वाली दिनांक को, जिनकी राजस्थान के राजनिवेष पोर्टल पर भूमि आवंटन से संबंधित प्रार्थना लंबित हैं, वे इस योजना में आवेदन कर सकते है। उदयपुर के 3 रीको औद्योगिक क्षेत्रों में 132 औद्योगिक भूखण्ड उपलब्धराज्य के 98 रीको औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 6936 औद्योगिक भूखण्ड आवंटन हेतु उपलब्ध हैं। वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एवं इकाई प्रभारी रीको अजय पण्ड्या ने बताया कि इस योजना के तहत उदयपुर जिले के 3 रीको औद्योगिक क्षेत्रों में 132 औद्योगिक भूखण्ड आवंटन हेतु उपलब्ध हैं। इसमें गिर्वा तहसील के कलड़वास विस्तार में 12, मावली के आमली में 68 और वल्लभनगर के श्रीराम जानकी औद्योगिक क्षेत्र माल की टूस में 52 औद्योगिक भूखण्ड आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। आवेदक 28 मार्च तक कर सकेंगे आवेदनराइजिंग राजस्थान के तहत एमओयू करने वाले निवेशकों को भूखण्ड आवंटन के लिए आवेदन की प्रक्रिया 17 मार्च से प्रारंभ हो गई हैं, जिसके लिये आवेदक को मय प्रोजेक्ट रिपोर्ट दिनांक 28 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योग्य आवेदक रीको की वेबसाइट www.riico.co.in,www.riico.rajasthan.gov.in या एसएसओ राजस्थान डॉट जीओवी डॉट इन या riicogis.rajasthan.gov.in/riicogiscitizen के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को भूखण्ड की कुल देय प्रीमियम राशि की 5 प्रतिशत राशि आवेदन के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से रीको के बैंक खाते में जमा करानी होगी। जिन भूखण्डों पर एक से अधिक आवेदन प्राप्त होगे उनके लिये ई-लॉटरी 3 अप्रैल को प्रस्तावित हैं। भूखण्ड आवंटन के लिए निर्धारित शर्तेंपण्ड्या ने बताया कि भूखण्ड आवंटन के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार ऐसे प्रोजेक्ट जिनकों स्थापित करने के लिए पर्यावरण स्वीकृति आवश्यक नहीं है, उन आवंटियों को आवंटित भूखण्ड का कब्जा देने की तिथि अथवा डीम्ड कब्जा से 2 वर्ष में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करना होगा तथा ऐसे प्रोजेक्ट जिनको पर्यावरण स्वीकृति आवश्यक है, उनके लिए यह अवधि 3 वर्ष होगी। वहीं आवंटी को आवंटित भूखण्ड पर उत्पादन शुरू करने से पहले मध्यवर्ती अनुक्रमों का पालन करना आवश्यक होगा। इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन में माने जाने के लिए भूखण्ड के क्षेत्रफल का न्यूनतम 30 प्रतिशत अथवा अनुज्ञेय बिल्ड अप एरिया रेशियो का न्यूनतम 30 प्रतिशत के समतुल्य निर्मित होना एवं भूखण्ड आवंटन के आवेदन के समय प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट में वर्णित मदों में से भवन निर्माण एवं प्लांट एवं मशीनरी के मद में दर्शायी गई राशि का 75 प्रतिशत राशि का उत्पादन के समय स्थायी रूप से निवेश उपरोक्त मदों में निर्धारित या विस्तारित समयावधि में निवेश आवश्यक होगा। आवंटित भूखण्ड में रिक्त/अनुपयोगी भूमि का हस्तांतरण अनुज्ञेय नहीं होगा। आवंटित भूखण्ड का उप-विभाजन अनुज्ञेय नहीं होगा। आवंटी द्वारा आवंटित भूखण्ड को रीको को समर्पित करने की दशा में, आवंटी द्वारा जमा की गई भूमि की प्रीमियम राशि की 5 प्रतिशत राशि के समतुल्य एवं अन्य देय शुल्कों की कटौती की जाएगी एवं शेष राशि वापिस की जाएगी। आवंटित भूखण्ड का निरस्तीकरण करने की दशा में आवंटी द्वारा जमा की गई भूमि की प्रीमियम की राशि से 10 प्रतिशत राशि की कटौती की जाएगी।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट-2024 का आयोजन 9-11 दिसंबर, 2024 को किया गया था। समिट में करीब 35 लाख करोड़ रूपये के एमओयू निष्पादित किए गए। समिट में 32 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। राइजिंग राजस्थान-2024 के समापन समारोह में मुख्यमत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा था कि राज्य सरकार राइजिंग समिट में हुए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए पूरी शक्ति के तहत काम करेगी और इसी उद्देष्य को दृष्टिगत रखते हुए औद्योगिक क्षेत्र में निवेष को प्रोत्साहन देने के लिए यह ‘‘प्रत्यक्ष भूखण्ड आवंटन योजना‘‘ लाई गयी हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गोवर्धनविलास पुलिस की अवैध फायर आर्म्स के विरूद्ध बडी कार्यवाही, एक अवैध पिस्टल व 3 जिंदा कारतुस सहित एक अभियुक्त यात्रियों की सुविधा हेतु रेलसेवाओं का संचालन