जयपुर, 25 जनवरी। गणतंत्र दिवस 2026 का अवसर राजस्थान के गृह रक्षा विभाग (होमगार्ड्स) के लिए गर्व और खुशी लेकर आया है। विभाग के तीन अधिकारियों को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठावान और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अधिकारी कल, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में महामहिम राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े द्वारा पदक से अलंकृत किए जाएंगे।
उप समादेष्टा घनश्याम सिंह होंगे सम्मानित
गृह रक्षा विभाग के उप समादेष्टा श्री घनश्याम सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। श्री सिंह का करियर साहस और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। उन्होंने ऑपरेशन पराक्रम में सक्रिय भागीदारी की, बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और बांका जिलों में लोकसभा चुनाव के दौरान कंपनी का सफल नेतृत्व किया। इसके अलावा वे पहले महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क से भी सम्मानित हो चुके हैं।
नारणाराम और श्री रामकिशोर को राष्ट्रपति पदक की घोषणा
गृह रक्षा विभाग के कंपनी कमांडर श्री नारणाराम (पूर्व प्लाटून कमांडर, सीमा गृह रक्षा दल, बाड़मेर) और श्री रामकिशोर, प्लाटून कमांडर, गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र, टोंक, को दीर्घकालीन और निष्ठावान सेवाओं के लिए राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा हुई है।
नारणाराम ने अपने सेवाकाल में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के मोर्चे से लेकर कारगिल युद्ध तक कठिन ऑपरेशनल ड्यूटी में अदम्य साहस का परिचय दिया। चुनाव ड्यूटी, कानून-व्यवस्था, प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उनके संगठनात्मक अनुशासन और समर्पण को देखते हुए यह पुरस्कार उन्हें प्रदान किया जा रहा है।
प्लाटून कमांडर श्री रामकिशोर ने भी पूरे सेवाकाल में उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का उदाहरण पेश किया है। कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और विभाग में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।
सवाई मानसिंह स्टेडियम में शौर्य का मंच सजेगा
26 जनवरी 2026 की सुबह, जब पुलिस के जांबाजों के साथ गृह रक्षा विभाग के ये अधिकारी SMS स्टेडियम पर मंच पर होंगे, तब यह समारोह प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में उनके योगदान को एक नई पहचान देगा। यह सम्मान केवल इन अधिकारियों की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि राजस्थान होमगार्ड्स के हर स्वयंसेवक और अधिकारी का गौरव है, जो विपरीत परिस्थितियों में देश की सेवा में डटा रहता है।

