24 News Update भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर क्षेत्र से रीट भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में रीट काउंसलिंग के दौरान फर्जी पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) मार्कशीट और प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एसओजी टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। वर्ष 2022–23 की रीट काउंसलिंग के दौरान जमा कराए गए कुछ शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि कुछ अभ्यर्थियों ने पीटीआई भर्ती में चयन के लिए फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। मामले की भनक लगने के बाद एसओजी ने जांच शुरू की और तकनीकी व दस्तावेजी पड़ताल के बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।एसओजी के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड पीटीआई योगेंद्र सिंह शेखावत बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि योगेंद्र सिंह शेखावत ने ही फर्जी मार्कशीट और अन्य दस्तावेज तैयार करवाकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए थे, ताकि वे रीट काउंसलिंग में चयनित हो सकें।कार्रवाई के दौरान एसओजी ने योगेंद्र सिंह शेखावत, ज्योति राज सिंह और सवाई माधोपुर निवासी ममता योगी कोगिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार गिरफ्तार ममता योगी का पति पंडेर क्षेत्र के एक स्कूल में शिक्षक बताया जा रहा है। फिलहाल एसओजी की टीम तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला केवल तीन लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने और उन्हें काउंसलिंग में इस्तेमाल कराने का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी वजह से एसओजी अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और लाभार्थियों की तलाश में जुटी हुई है।एसओजी अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है तथा जांच के आधार पर गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़ सकता है। वहीं शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों और संबंधित अभिलेखों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।रीट भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और अभ्यर्थियों के बीच भी हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी मार्कशीट के आधार पर कितने अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल की और उन्हें किन-किन जगहों पर नियुक्ति मिली Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जबरकिया में विशाल नि:शुल्क नेत्र शिविर 15 मार्च को, गोमा बाई नेत्रालय द्वारा दी जाएंगी नि:शुल्क सेवाएं