रिपोर्ट—जयवंत भैरविया
24 News Udpate राजसमंद। राजसमंद पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट और स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) के निर्देशों की गंभीरता से पालना करते हुए जिले के सभी थानों में स्पष्ट सूचना डिस्प्ले लगवाए हैं। इन डिस्प्ले के माध्यम से आम नागरिकों को यह अधिकारिक जानकारी दी जा रही है कि आवश्यकता पड़ने पर वे नियमानुसार थाने के सीसीटीवी फुटेज और संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। ऐसी पहल उदयपुर में भी की जा सकती है।
गौरतलब है कि राजस्थान में पुलिस हिरासत में हुई मौतों के मामलों ने देशभर में गंभीर चिंता पैदा की थी। ये घटनाएं न केवल मीडिया की सुर्खियां बनीं, बल्कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। शीर्ष अदालत ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनके क्रियाशील रहने को लेकर सख्त रुख अपनाया और जनहित याचिका (PIL) दर्ज की, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह प्रकरण में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर फुटेज उपलब्ध कराई जाए। बावजूद इसके, लंबे समय तक इन आदेशों की प्रभावी पालना नहीं हो सकी।
अक्सर देखा गया है कि पुलिस हिरासत में मौत के मामलों में थानों के सीसीटीवी कैमरे “बंद” बताए जाते हैं या फिर मौत का कारण हार्ट अटैक, पूर्व बीमारी अथवा नशे की हालत बताया जाता है। ऐसे में सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होती है, लेकिन कई बार गोपनीयता का हवाला देकर यह फुटेज उपलब्ध नहीं कराई जाती।
इसी संदर्भ में राज्य सूचना आयोग भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को लेकर तीन महत्वपूर्ण आदेश जारी कर चुका है। इसके अलावा पुलिस विभाग के ही स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो ने भी कई बार स्पष्ट निर्देश दिए, लेकिन अनेक जिलों में इन आदेशों की या तो अनदेखी की गई या जानबूझकर अवमानना की गई।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस विषय में संज्ञान लेने के बाद स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो ने अक्टूबर माह में एक अहम आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि शीर्ष अदालत के निर्णय की पालना में पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं, अतः सभी जिलों के थानों के स्वागत कक्ष में यह डिस्प्ले अनिवार्य रूप से लगाया जाए कि—
“थाना कैमरे की नजर में है। नागरिक अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यक होने पर नागरिक थाने से दस्तावेज/सीसीटीवी फुटेज नियमानुसार प्राप्त कर सकते हैं।”
आदेश की वास्तविक पालना जानने के लिए उदयपुर सहित राजस्थान के कई जिलों में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत आवेदन किए गए। इनमें से फिलहाल केवल राजसमंद जिला ही ऐसा सामने आया, जिसने आदेश की पालना का ठोस और दस्तावेजी जवाब दिया। राजसमंद जिला पुलिस ने अपने आधिकारिक उत्तर में बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पत्र क्रमांक 370 दिनांक 14.01.2026 के माध्यम से जिले के सभी थानों को निर्देश जारी किए गए। इसके तहत प्रत्येक थाने के स्वागत कक्ष में उक्त आशय का डिजिटल अथवा प्रिंटेड डिस्प्ले लगाया गया। इसकी पालना रिपोर्ट पत्रांक 8344-45 दिनांक 27.10.2025 के जरिए महानिरीक्षक पुलिस, स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, जयपुर को भेजी जा चुकी है, जिसकी प्रमाणित प्रति भी संलग्न की गई है। इस तरह राजसमंद जिला राजस्थान का पहला ऐसा जिला बन गया है, जिसने सुप्रीम कोर्ट और SCRB के आदेशों की वास्तविक पालना करते हुए आम नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा की दिशा में ठोस पहल की है और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता की नई मिसाल कायम की है।

