24 News Update उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में मनाए जा रहे राजस्थान दिवस सप्ताह के तहत चेत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर बुधवार शाम पिछोला झील के किनारे स्थित मांझी का घाट श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक वैभव का साक्षी बना। जिला प्रशासन, उदयपुर विकास प्राधिकरण और देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य महाआरती कार्यक्रम ने उदयपुर की आध्यात्मिक पहचान को एक बार फिर जीवंत कर दिया।सांझ ढलते ही चांदपोल स्थित चारभुजाजी मंदिर के समीप मांझी घाट दीपों की रोशनी से जगमगाने लगा। सैकड़ों दीपों की कतारें, शंखनाद, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के बीच आयोजित महाआरती ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया। पिछोला झील की लहरों पर झिलमिलाते दीपों का प्रतिबिंब मानो आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा था।कार्यक्रम में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलक्टर नमित मेहता, एडीएम शहर जितेंद्र ओझा, यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।महाआरती में शहरवासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटकों ने भी भाग लिया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आमजन ने गंगा आरती में सहभागिता निभाते हुए जनभागीदारी का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर उमड़ी भीड़ ने इस आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया, जहां हर ओर भक्ति और उल्लास का माहौल नजर आया।इस आयोजन ने न केवल राजस्थान दिवस सप्ताह के उत्सव को नई ऊंचाइयां दीं, बल्कि उदयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को भी मजबूती से प्रदर्शित किया। देवस्थान विभाग के अधिकारियों सहित समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमा प्रदान की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सांसद गरासिया ने की लोकसभा अध्यक्ष से आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर चर्चा पश्चिमी विक्षोभ का प्रहार: बारिश बनी आफत, करंट हादसे में दो की मौत