24 News Update नई दिल्ली। रेलवे अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां “जो आया, सो घुस गया” वाली व्यवस्था को अलविदा कहकर “जो वैध है, वही प्रवेश पाएगा” का नया नियम लागू करने की तैयारी है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने रेल भवन में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ कर दिया कि स्टेशन अब सिर्फ ट्रेनों का ठिकाना नहीं, बल्कि तकनीक से संचालित नियंत्रित क्षेत्र बनने जा रहे हैं—जहां भीड़ को भाग्य नहीं, सिस्टम संभालेगा।इस पूरी कवायद की शुरुआत New Delhi Railway Station से होगी, जिसे “मॉडल स्टेशन” की तरह तैयार कर बाकी देश के स्टेशनों के लिए ब्लूप्रिंट बनाया जाएगा।कैमरे हर जगह, निगरानी हर पलस्टेशन की सुरक्षा अब पारंपरिक गश्त से निकलकर डिजिटल निगरानी में शिफ्ट हो रही है। पूरे परिसर—प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स, एंट्री-एग्जिट और संवेदनशील पॉइंट्स—पर एआई आधारित कैमरों का जाल बिछेगा। कंट्रोल रूम में बैठा सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों को रियल टाइम में पहचानकर अलर्ट देगा।मंत्री ने इसे “कैमरे आंख और एआई दिमाग” बताते हुए साफ किया कि अंधेरे कोनों की कोई जगह नहीं बचेगी—हर क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी भी अनिवार्य की जाएगी। एंट्री पर लगेगा ‘डिजिटल गेटकीपर’दीपावली और छठ जैसे पीक सीजन में भीड़ के दबाव को देखते हुए क्यूआर कोड आधारित एंट्री सिस्टम का पायलट शुरू होगा। इसका मतलब—स्टेशन में वही दाखिल होगा जिसके पास वैध टिकट होगा। आरक्षित, अनारक्षित और मासिक पास यात्रियों के लिए अलग-अलग एंट्री मैनेजमेंट—यानी रेलवे स्टेशन अब धीरे-धीरे “ओपन स्पेस” से “कंट्रोल्ड जोन” में बदलने की दिशा में है। ड्रेस से पहचान, पहचान से जवाबदेहीस्टेशन पर काम करने वाले हर व्यक्ति की पहचान अब रंगों से होगी। रेलवे स्टाफ, वेंडर, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर और IRCTC से जुड़े कर्मियों के लिए अलग-अलग फ्लोरोसेंट जैकेट अनिवार्य की जाएंगी। आईडी कार्ड भी जरूरी होगा—ताकि भीड़ में कोई “अनजान चेहरा” बिना पहचान के न घूमे। यह कदम सुरक्षा के साथ-साथ जवाबदेही तय करने का भी संकेत है। ऐप से ऑटो तक: सफर स्टेशन के बाहर भी कंट्रोल मेंयात्रा का अनुभव अब प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रहेगा। RailOne App को Bharat Taxi से जोड़ा जाएगा, ताकि स्टेशन से बाहर निकलते ही यात्री को भरोसेमंद और पारदर्शी ट्रांसपोर्ट मिल सके। रेलटेल के सहयोग से तैयार यह सिस्टम स्टेशन के बाहर की अव्यवस्थित भीड़ को कम करने की कोशिश है—जहां अक्सर असली अफरा-तफरी शुरू होती है। भीड़ को बाहर ही रोकने की रणनीतिरेलवे अब प्लेटफॉर्म पर भीड़ घटाने के लिए “होल्डिंग एरिया” मॉडल अपना रहा है। 76 स्टेशनों पर ऐसे क्षेत्र बनाए जा रहे हैं, जहां अनारक्षित यात्रियों को स्टेशन के बाहर ही रोका जाएगा और नियंत्रित तरीके से अंदर भेजा जाएगा। साथ ही बड़े और स्पष्ट साइनज, बेहतर ट्रेन सूचना प्रणाली—यानी सूचना की कमी से पैदा होने वाली भगदड़ को भी सिस्टम से काबू करने की कोशिश। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ईरान-इजराइल संघर्ष की आंच भारत तक: प्रीमियम पेट्रोल महंगा, आम उपभोक्ता पर अभी सीमित असर 12 सेकेंड के वीडियो से सत्ता में भूचाल: अफसर की मौत के बाद सीएम ने लिया मंत्री का इस्तीफा