नई दिल्ली, 4 मई। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय से देश को संबोधित करते हुए कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर तक कमल ही कमल खिला है।” लगभग 47 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने बंगाल में “भयमुक्त लोकतंत्र” और “विकास की नई शुरुआत” का दावा करते हुए कई बड़े ऐलान किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जाएगी। साथ ही अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में महिलाओं को सुरक्षा, युवाओं को रोजगार और व्यापारियों को भयमुक्त माहौल मिलेगा।
मोदी ने कहा कि “आज बंगाल के भाग्य में नया अध्याय जुड़ा है। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है। अब बदले की नहीं, बदलाव की राजनीति होगी। भय नहीं, भविष्य की बात होगी।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से हिंसा का दौर समाप्त करने की अपील भी की।
बंगाल की जीत को बताया ऐतिहासिक मोड़
प्रधानमंत्री ने भाजपा की बंगाल विजय को केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि वैचारिक परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में यह जीत बंगाल की सांस्कृतिक चेतना का सम्मान है।”
उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि “आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। उन्होंने बंगाल और भारत की एकता के लिए संघर्ष किया था।”
मोदी ने कहा कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान होना भी अपने आप में ऐतिहासिक है। “पहली बार चुनावों में हिंसा और निर्दोष लोगों की मौत की खबरें नहीं आईं। भाजपा भयमुक्त वातावरण बनाकर दिखाएगी, यह मोदी की गारंटी है।”
असम में तीसरी बार NDA, पुडुचेरी में भी जीत
प्रधानमंत्री ने असम में लगातार तीसरी बार NDA सरकार बनने को “ऐतिहासिक जनादेश” बताया। उन्होंने कहा कि “मां ब्रह्मपुत्र और मां कामाख्या का आशीर्वाद भाजपा पर बना हुआ है।”
उन्होंने कहा कि असम के चाय बागान क्षेत्रों में भी भाजपा को व्यापक समर्थन मिला है, जो राज्य में विकास और विश्वास की राजनीति की जीत है।
पुडुचेरी को लेकर मोदी ने कहा कि NDA सरकार “बेस्ट पुडुचेरी विजन” के साथ आगे बढ़ेगी और युवाओं, मछुआरों व छोटे व्यापारियों के भविष्य के लिए निरंतर कार्य करेगी।
“अंग, बंग और कलिंग थे समृद्ध भारत के स्तंभ”
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारतीय इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भारत विश्व में समृद्धि का प्रतीक था, तब “अंग (बिहार), बंग (बंगाल) और कलिंग (ओडिशा)” उसके तीन मजबूत स्तंभ थे।
उन्होंने कहा कि बंगाल भारत की सांस्कृतिक आत्मा का केंद्र रहा है और अब भाजपा उसे फिर विकास की मुख्यधारा में लाने का काम करेगी।
कांग्रेस और वामपंथ पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “आज भारत में एक भी राज्य ऐसा नहीं है जहां कम्युनिस्ट सरकार बची हो। पूरा देश कम्युनिज्म से किनारा कर चुका है।”
उन्होंने कांग्रेस पर “अर्बन नक्सल सोच” को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब विभाजन और विवाद नहीं, बल्कि विकास और स्थिरता चाहती है।
महिला शक्ति का जिक्र, विरोधियों पर हमला
महिला आरक्षण विधेयक के विरोध को मुद्दा बनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “नारी शक्ति संशोधन का विरोध करने वालों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ा है।”
उन्होंने दावा किया कि महिलाओं ने बंगाल और तमिलनाडु में विपक्षी दलों को सबक सिखाया है और आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी यह संदेश दिखाई देगा।
रिकॉर्ड मतदान को बताया लोकतंत्र की ताकत
मोदी ने कहा कि बंगाल में 93 प्रतिशत मतदान भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर है। उन्होंने इसे “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” भारत की ताकत बताते हुए कहा कि दुनिया के युद्ध और आर्थिक संकटों के बीच भारत ने लोकतंत्र और स्थिरता पर भरोसा जताया है।
भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल
भाजपा मुख्यालय में जीत के बाद उत्सव जैसा माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे “जनता के भरोसे और मोदी की गारंटी की जीत” बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन को माला पहनाई। कार्यकर्ताओं ने उन्हें मां कामाख्या की तस्वीर भेंट की। पूरे परिसर में “भारत माता की जय” और “मोदी-मोदी” के नारों से माहौल गूंजता रहा।

