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गर्मी में जनता को नहीं होगी जल संकट: 15 मई से पहले पूरे हों पेयजल आपूर्ति के सभी कार्य — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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24 News update जयपुर.– राजस्थान में तेजी से बढ़ते तापमान और बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री निवास पर महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 मई से पहले पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण से जुड़े सभी कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “अगर गर्मी में जनता को पानी के लिए भटकना पड़ा, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुचारू रहनी चाहिए। इसके लिए फील्ड अधिकारी मुख्यालय पर ही मौजूद रहें, और सक्षम अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ें।


हैंडपम्प, नलकूप व पाइपलाइन कार्यों में तेजी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नए हैंडपम्प व नलकूप लगाने, पुराने की मरम्मत और पाइपलाइन सुधार जैसे सभी कार्यों को 15 मई तक पूर्ण करना अनिवार्य है। इसके लिए सभी जिला कलेक्टर्स को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड पहले ही उपलब्ध करवाया जा चुका है। अधिकतर जिलों में कार्य प्रारंभ हो चुका है, शेष जिलों को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपम्प और नलकूपों को चालू किया जाए, और इस वर्ष के 1000 नए नलकूप व 2500 हैंडपम्पों की वित्तीय स्वीकृति जल्द जारी कर कार्य प्रारंभ किए जाएं

PHED अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल महीने में 2.35 लाख से अधिक हैंडपम्पों की मरम्मत की जा चुकी है। विधानसभा क्षेत्रवार स्वीकृत 800 नलकूप और 1400 हैंडपम्प इसी माह के अंत तक क्रियाशील हो जाएंगे।


गांवों-शहरों में बड़े पैमाने पर चल रहे कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ₹142 करोड़ के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में ₹68 करोड़ के 153 कार्य पेयजल व्यवस्था के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें गहराई बढ़ाना, पाइपलाइन डालना, पम्पसेट की मरम्मत आदि कार्य शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, अप्रैल से जुलाई तक टैंकरों से जल आपूर्ति हेतु ₹82 करोड़ (ग्रामीण) और ₹25 करोड़ (शहरी) स्वीकृत किए जा चुके हैं।


नहरबंदी के दौरान जल भंडारण की पूरी व्यवस्था

पश्चिमी राजस्थान में नहरबंदी को लेकर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि गंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में जल संकट नहीं होने दिया जाएगा। पहले माह में आंशिक नहर क्लोजर रखा गया है, और जल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है


जल जीवन मिशन को मिलेगा नया बल

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन (JJM) की अवधि 2028 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि अप्रैल माह में 5,000 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी कर JJM के कार्यों को गति दी जाए। साथ ही, संचालन व संधारण नीति शीघ्र जारी करने को भी कहा गया।

PHED के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत ने बताया कि अक्टूबर 2025 तक 59 परियोजनाओं हेतु ₹44,889 करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं है—HUDCO और REC से ऋण की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।


कंट्रोल रूम और बिजली आपूर्ति में समन्वय

मुख्यमंत्री ने पेयजल संकट की सूचना हेतु राज्य व जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने और उनके नंबरों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने PHED और बिजली विभाग को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि बिजली ट्रिपिंग या फॉल्ट की स्थिति में नलकूपों की आपूर्ति बाधित न हो


बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में PHED मंत्री कन्हैयालाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव श्री आलोक गुप्ता, PHED और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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