उदयपुर, 24 न्यूज अपडेट। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनना होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्र सर्वापरि की भावना प्रत्येक नागरिक में होनी चाहिए, तभी देश उन्नति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो सकता है। वे शनिवार को विद्याभवन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, उदयपुर के 59वें स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर पूर्व विद्यार्थी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मर्यादा और समर्पण के महत्व पर जोर दिया। विकास की नींव – तकनीकी और व्यावहारिक शिक्षा श्री देवनानी ने कहा कि वर्तमान युग में सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान की भी उतनी ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘परीक्षा पास करना शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवन जीने की कला, नेतृत्व और सृजन की क्षमता विकसित करना आवश्यक है।’ उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल नौकरी की तलाश में न रहें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा, ‘पढ़ेंगे, कमाएंगे और जीएंगे देश के लिए, यही हमारा संकल्प होना चाहिए।’ आधुनिक भारत और वैश्विक मान्यता श्री देवनानी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अपने पराक्रम से दुनिया को संदेश दिया है। आज भारत की विदेश नीति और आर्थिक प्रगति ने उसे एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।’ संस्थान का तकनीकी विकास इस अवसर पर श्री देवनानी ने विद्याभवन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की तकनीकी उन्नति की सराहना की। उन्होंने सरस्वती मेकाट्रॉनिक लैब, स्मार्ट क्लास रूम, सीएनसी वर्टिकल मशीनिंग सेंटर और लैथ मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि 1956 में एक ब्रांच से शुरू हुआ यह महाविद्यालय आज 6 ब्रांचों के साथ हजारों छात्रों को तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहा है। पूर्व छात्र – धरोहर और प्रेरणा श्री देवनानी ने पूर्व विद्यार्थियों को संस्थान की सबसे बड़ी धरोहर बताया। उन्होंने कहा, ‘हम पूर्व नहीं, अपूर्व बनें।’ उन्होंने पूर्व विद्यार्थी संस्था के संस्थापक बी.एल. मंत्री, विद्या भवन के संस्थापक मोहन सिंह मेहता और पहले प्राचार्य सी.एस. अग्रवाल के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान हस्तियों ने शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। पुरानी यादें और सम्मान श्री देवनानी, जो 1991 से 2000 तक इस महाविद्यालय के प्राचार्य रह चुके हैं, ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि इस संस्थान ने उन्हें जीवन में नई दिशा दी। समारोह में 50 वर्ष पूर्ण करने वाले 22 और 25 वर्ष पूर्ण करने वाले 26 पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उदयपुर शहर विधायक श्री ताराचंद जैन, पूर्व विद्यार्थी संस्था के अध्यक्ष नवीन व्यास, उपाध्यक्ष जयप्रकाश श्रीमाली और सेवानिवृत्त आईएएस राजेंद्र भट्ट भी उपस्थित थे। आगामी धार्मिक यात्रा श्री देवनानी 11 मई को सुबह 8.30 बजे सड़क मार्ग से उदयपुर से प्रस्थान कर एकलिंगजी मंदिर में दर्शन करेंगे, जिसके बाद वे नाथद्वारा पहुंचेंगे और वहां के प्रसिद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात वे अजमेर के लिए रवाना होंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मंदिर चोरी का बड़ा खुलासा: चार शातिर नकबजन और दो ज्वैलर्स गिरफ्तार, आधा दर्जन वारदातें कबूल, लाखों का माल बरामद खेत में बकरियां चराने गई महिलाओं पर कुदरत का कहर: आकाशीय बिजली गिरने से एक की मौत, दूसरी घायल