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सरकारी स्कूलों में पप्पू अब पासबुक पढ़कर पास होगा, 9 साल से लगा प्रतिबंध हटा

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24 News Update जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब पासबुक के उपयोग पर लगी रोक समाप्त कर दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने पुराने फैसले के खिलाफ अपील नहीं करने का निर्णय लेते हुए करीब नौ साल पुराना प्रतिबंध हटा लिया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) डॉ. रामगोपाल शर्मा ने 20 अप्रैल को आदेश जारी कर वर्ष 2018 और 2023 में जारी उन निर्देशों को प्रत्याहरित कर दिया, जिनमें पासबुक के उपयोग पर रोक लगाई गई थी। इसके साथ ही स्कूलों में पासबुक के इस्तेमाल का रास्ता साफ हो गया है।
दरअसल, 13 मार्च 2018 को माध्यमिक शिक्षा परिषद और शिक्षा निदेशालय ने संयुक्त आदेश जारी कर पासबुक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था। उस समय तर्क दिया गया था कि पासबुक से रटंत प्रणाली को बढ़ावा मिलता है और छात्र मूल अध्ययन से दूर हो जाते हैं। साथ ही, पासबुक मिलने पर विद्यार्थियों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे। बाद में 6 नवंबर 2023 को इस प्रतिबंध को दोबारा लागू किया गया था।
इस निर्णय को निजी प्रकाशक ‘संजीव पासबुक’ ने अदालत में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान 12 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने इस प्रतिबंध पर रोक लगा दी। इसके बाद सरकार के पास उच्च स्तर पर अपील का विकल्प था, लेकिन उसने आगे अपील नहीं करने का फैसला लिया।
इसी क्रम में 17 मार्च 2026 को संयुक्त विधि परामर्शी ऋतु शर्मा ने प्रतिबंध हटाने के निर्देश जारी किए, जिसके आधार पर अब पूर्व के सभी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।
नए आदेश के बाद अब सरकारी स्कूलों में पासबुक का उपयोग फिर से किया जा सकेगा और इसके उपयोग को लेकर विद्यार्थियों या शिक्षकों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी।

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