Site icon 24 News Update

चित्तौड़गढ़ में 18 अप्रैल को होगी खुली जनसुनवाई: मंत्री मदन दिलावर ने दिए सख्त निर्देश, झूठी शिकायतों पर होगी कार्रवाई

Advertisements

24 News Update चित्तौड़गढ़. राज्य के शिक्षा, पंचायतीराज और संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर 18 अप्रैल को चित्तौड़गढ़ के इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में एक विशेष ‘खुली जनसुनवाई’ आयोजित करेंगे। इस आयोजन में आम जनता अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे मंत्री के सामने रख सकेगी। मंत्री ने इस पहल को ‘खुली पंचायत’ का नाम दिया है, ताकि लोग बिना किसी संकोच के अपनी बातें खुलकर कह सकें।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: 15 और 16 अप्रैल
इस जनसुनवाई में भाग लेने के लिए 15 और 16 अप्रैल को रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक होगा। यह जनसुनवाई 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें शिक्षा, पंचायतीराज और संस्कृत शिक्षा विभाग से संबंधित मामलों पर चर्चा की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने संबंधित ब्लॉक के बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) या सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) के कार्यालय में जाकर और शिक्षा से जुड़े लोग जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
पारदर्शी मंच पर खुले विचारों की चर्चा
मंत्री दिलावर ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह एक पारदर्शी मंच होगा, जहां कोई भी व्यक्ति ईमानदारी से अपनी बात रख सकेगा। उन्होंने बताया कि इस मंच पर कैमरे लगाए जाएंगे और सभी कार्यवाही का रिकॉर्ड रखा जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का आरोप सही पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा, “यदि किसी को लगता है कि हमारा विभाग अच्छा काम कर रहा है, तो उसकी सराहना करें, और अगर कोई अधिकारी गलत काम कर रहा है या भ्रष्टाचार में लिप्त है, तो उसकी भी चर्चा करें।”
झूठी शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई
मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति झूठी शिकायत करता है और जांच में मामला झूठा पाया जाता है, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “भगवान की शपथ लेकर अपनी बात कहिए। यदि झूठी शिकायत दी गई तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।”
रजिस्ट्रेशन न कराने वाले भी उठा सकेंगे आवाज
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश कोई व्यक्ति रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाया है, तो उन्हें भी सुनने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन यह उन्हीं लोगों के बाद होगा जिन्होंने पहले रजिस्ट्रेशन किया है। अगर समय बचा और व्यवस्था बनी, तो बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यक्तियों को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
नवाचार की दिशा में एक कदम
मंत्री दिलावर की इस पहल को प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ‘खुली पंचायत’ के माध्यम से नागरिकों को सरकारी व्यवस्थाओं में सीधे भागीदारी का अवसर मिलेगा, जिससे शासन और जनता के बीच संवाद को और भी मजबूत किया जा सकेगा।

जनसुनवाई में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों से यह अपेक्षा की गई है कि वे तथ्यों और पूरी सच्चाई के साथ अपनी बातें रखें, ताकि जनहित से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके और भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाया जा सके।

Exit mobile version