तीन दिवसीय श्री श्याम महोत्सव का 8 मई को गुरुवार को होगा आगाज निशान यात्रा के लिए भक्त करवा सकते हैं पंजीयन पुनम के चांद की चटक चांदनी में प्रथम भोर की स्वर्णिम आभा में होगी महाआरती 24 News Update उदयपुर। श्री खाटू श्याम मित्र मण्डल ट्रस्ट की ओर से 8 से 10 मई तक आयोजित होने वाले 9वें भव्य श्री श्याम महोत्सव का आगाज 8 मई गुरुवार को श्याम प्रभु के नगर भ्रमण और निशान यात्रा के साथ होगा। महीनों से इस महोत्सव का इंतजार कर रहे हजारों श्याम भक्त निशान यात्रा में शामिल होंगे। 10 मई को फतह स्कूल में विशाल भजन संध्या में देश के प्रख्यात भजन कलाकार आ रहे हैं।श्री खाटू श्याम मित्र मण्डल ट्रस्ट के सीपी बंसल और हिम कुमार एरन ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि इस बार श्याम महोत्सव अपने आप में एतिहासिक होगा। महोत्सव का आयोजन फतह स्कूल मैदान में होगा। 8 मई को श्री श्याम महोत्सव की शुभारंभ भव्य निशान यात्रा से होगा। इस यात्रा मे एक हजार से ज्यादा श्याम प्रेमी शामिल होंगे। फतह स्कूल मैदान से शाम 6 बजे यह निशान निकलेगी जो सूरजपोल, बापूबाजार, देहलीगेट, टाउनहॉल मार्ग होते हुए वापस सूरजपोल होकर फतह स्कूल पहुंचेगी। निशान यात्रा के साथ उदयपुर में पहली बार बाबा खाटू श्याम का नगर भ्रमण भी होगा। निशान यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन करवाना जरुरी है। महोत्सव के दूसरे दिन 9 मई को मेहंदी की रस्म होगी जिसमें महिलाएं बाबा की नाम की मेहंदी लगाएगी।श्याम महोत्सव का मुख्य आयोजन 10 मई को होगा जिसमें शाम 7 बजे से भजन संध्या प्रारंभ होकर प्रभु ईच्छा तक चलेगी। भजन गायक नंदू महाराज श्री श्याम महोत्सव के मुख्य आकर्षण होंगे। इनके अलावा गुरुग्राम से नरेश सैनी व नजफगढ से बंटू भैया जैसे बडे कलाकारों के साथ ही दिल्ली से महावीर अग्रवाल वासु व मयूर रस्तोगी भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।तैयारियां युद्द स्तर परउन्होंने बताया कि श्री श्याम महोत्सव की तैयारियां अब अंतिम चरणों में है। पिछले एक महीने से इसकी तैयारियां चल रही थी। सोमवार को सुबह 9 बजे विधि विधान के साथ श्याम दरबार का निर्माण शुरु हो गया है।पहली बार समुद्र की थीम पर दरबारश्री श्याम महोत्सव के दौरान पहली बार उदयपुर में समुंद्र की थीम पर बाबा का दरबार सजाया जा रहा है। दरबार में थ्री डी सेटअप तैयार होगा जिसमें ग्राफिक डिजाइन का भी पहली बार प्रयोग होगा। बाबा का दरबार सजाने वाली टीम के मुखिया दिल्ली के नवीन कसेरा और इनकी टीम ने दरबार की सजावट और थीम को अंतिम रुप दे रही है। उन्होंने बताया कि समुंद्र की थीम पर दरबार सजाने का प्रयोग पहली बार हो रहा है जिसमें वासुदेव यमुना में बाल स्वरुप श्याम को ले जाते दिखेंगे। यह अपने आप में अलौकिक दृश्य होगा जिसके लिए उनकी करीब 40 लोगों की टीम 40 फीट उंचा और 80 फीट चौडा दरबार सजाने में लगी है। टीम की कोशिश रहेगी कि बाबा का दरबार खाटू जैया ही सजाया जाए। बाबा श्याम के साथ ही भगवान गणेशजी और सालासर बालाजी की प्रतिमा भी सजाई जाएगी। साथ ही गौ ग्वाल भगवान कृष्ण का विशेष स्वरुप सजाया जाएगा जो अपने आप में अनूठा होगा।बाबा का हर भक्त होगा वीआईपीश्री श्याम महोत्सव के दौरान पहली बार हर भक्त वीआईपी होगा। हर भक्त का ज्योत के दौरान उपरना से स्वागत किया जाएगा। इस बार श्याम महोत्सव में कई नए बदलाव किए गए हैं। हर भक्त को बाबा खाटू श्याम के आसानी से और सम्मानजनक दर्शन हो इसके लिए प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए वीआईपी कल्चर को खत्म किया जा रहा है। इस बार हाथ धुलवाकर भक्त को शुद्दता प्रदान करने, हाथ में कलावा बांधने और तिलक लगाने की काम मंच से नीचे ही पूर्ण करवा लिया जाएगा, ताकि भक्त मंच दरबार में सीधे बाबा को ज्योत धरा सके। वहीं पर हर भक्त को उपरना ओढा कर उनका स्वागत किया जाएगा। इस व्यवस्था से हर भक्त को दर्शन व ज्योत का समय मिल सकेगा।प्रवेश होगा निशुल्कसंध्या हर आम एवं खास के लिए पूर्णतया निःशुल्क होगी। प्रवेश हेतु किसी भी प्रकार के आमंत्रण-निमंत्रण या प्रवेश पत्र की जरूरत नहीं होगी। हर समाज जाति धर्म एवं वर्ग के व्यक्ति सपरिवार इष्ट मित्रों सहित सादर आमंत्रित है।ट्रस्टी करेंगे स्वप्रज्जवलित अखण्ड ज्योतप्रभु श्याम को छप्पन भोग धराया जायेगारात्रि 8.00 बजे कण्डे, धूप, दीप से स्वप्रज्जवलित अखण्ड ज्योत एवं श्याम स्तुति महाआरती से संध्या का प्रारम्भ होगा। ट्रस्टी के अथक प्रयासों एवं सक्रिय भागीदारी से ही यह आयोजन भव्य से भव्यतम रूप से हो पाया, इनके द्वारा गणपति, बालाजी एवं प्रभु श्याम को छप्पन भोग धराया जायेगा।छप्पन भोग महाप्रसाद का होगा वितरणप्रभु के प्रिय भोजन सवामणी चूरमा, मक्खन, केसर दुध, खीर, पंचामृत, पान बीडा, खोपरा-नारीयल, सभी प्रकार के सूखे मेवे, ताजा मोसमी फल, छप्पन प्रकार के मिष्ठान एवं व्यंजनो का छप्पन-भोग महाप्रसाद दरबार में सजाया जायेगा। छप्पन महिलाएं एवं युवक, युवतियॉ केसरिया वेश में इन्हे अपने सिर पर धारण मोरपंखी की छाया में इन्हे प्रसाद कक्ष से श्याम दरबार में ढोल नगाडो के मध्य मनुवार सहित परोसेगी। अखण्ड ज्योत में अनवरत छप्पन भोग की आहुतियां पधरायी जायेगी वहीं उपस्थित भक्तों को भजन अमृत वर्षा एवं महाआरती पश्चात् प्रसाद रूप में भोग वितरित किया जायेगा।भजन गायको के लिए बनेगा भव्य रेम्पमंच के नीचे आर्केस्ट्रा कलाकारों, प्रेस एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए 80 फीट लम्बी चार फीट चौडी गैलेरी होगी। मंच के सामने भजन गायकों के लिए 50 फीट लम्बा छह फीट चौडा तथा 6 फीट उंचा रेम्प होगा। रेम्प के मध्य में पुनः 20 बाई 20 का मंच होगा जिस पर गायक नाचते-गाते तथा झुमते हुए दर्शको के निकटतम पहुंच उन्हे भजनो की सरिता में गौते लगवायेंगे।शीश सहित मुर्तिया आई दिल्ली सेश्याम दरबार में इस बार दिल्ली श्याम दरबार से बाबा का शीश भव्य रूप से पधार रहा है, सुनिल बंसल-स्नेहलता बंसल द्वारा सुबह उनकी पूजा-अर्चना के साथ आगवानी की जायेगी। दोपहर में प्रभु का शीश ढोल नगाडो के साथ श्याम दरबार में स्थापित किया जायेगा। उनका रजत स्वर्णाभुषणों हीरे-मोती-माणिक्य आदि नवरत्नों से श्रंृगार किया जायेगा। दरबार में स्थापित अन्य मूर्तिया देश के प्रसिद्व श्याम कारिगरों द्वारा निर्मित कर विशेष वाहनों से यहां पधार चुकी है।बैंगलोर, कोलकाता एवं विदेशी पुष्पांे से अलौकिक एवं अदभुद होगा श्रृंगारबैंगलोर, दिल्ली-कोलकाता से वाया अहमदाबाद विमान द्वारा देश-विदेश के ताजा पुष्पो, श्रृंगार सामग्री, मोरपंखों से देशभर की श्याम भजन संध्याओं में विशेष श्रृंगार करने वाले अपने दल बल के साथ संध्या के अन्तिम क्षणांे तक प्रभु का ऐसा मनभावन दरबार बनायेंगे, सजायेंगे-सवारेंगे कि इस अलौकिक दृश्य को हर कोई अपलक निहारने हेतु विवश मजबुर हो जायेगा।इत्र एवं गुलाब पंखुडियों की होगी वर्षाप्रभु के दरबार के समक्ष, भजन गायको एवं उपस्थित भक्तजनों पर अनवरत-अविराम हेलीकोप्टर द्वारा गुलाब की पंखुडियों एवं अनेक व्यक्तियों द्वारा स्प्रींकलर से मुम्बई, अजमेर एवं ब्यावर से लाये गये इत्र एवं सुगन्धित दिव्य पदार्थाे की वर्षा की जायेगी।लाईट, साउण्ड सिस्टम एवं टी.वी. स्क्रीन से सज्जित होगा प्रांगणप्रसिद्ध श्याम संध्या साउण्ड व्यवस्थापक द्वारा सिटी लाईट, पाल लाईट, फोक लाईट, डिस्को लाईट जैसी अत्याधुनिक लाईटों से प्रांगण को झगमगाया जायेगा। हजारांे भक्तजनों की उपस्थित को ध्यान में रखते हुए ताहार साण्ड की व्यवस्था की गई है। एल.सी.डी. की भी व्यवस्था की जायेगी। चार विभिन्न रंगों की सर्चलाईट से अनेक रंगीन किरणों का आभाष कराने की लाईटें भी स्थापित की जायेंगी।चरण पादुका हेतु लगेंगे स्टॉलश्याम भजन संध्या रीत अनुसार आगन्तुक सभी भक्त जनो द्वारा पाण्डाल में जुते-मौजे, बेल्ट, चरण पादुकाए, खोलकर जाने हेतु चरणपादुका कक्ष लगाया जायेगा। इस हेतु नई दिल्ली से अपनी अद्भुद अमुल्य एवं अविस्मरणीय सेवाए देने हेतु ’’सावरिया सेठ के चरण चाकर’’ के 15 से भी अधिक धनाढ्य वर्ग के श्याम भक्त आ रहे है। कृपया अपनी चरण पादुकाए अपने वाहनों मे ही सुरक्षित रखकर पधारे। सुरक्षा कारणांे से कोई भी अमुल्य वस्तु जेवरात आदि लेकर नहीं आवे।महिलाओं के लिए होगी पृथक व्यवस्थामहिलाओं की आगवानी एवं बैठने की व्यवस्था हेतु महिला समिति तत्पर रहेगी। उनके लिए पृथक से खण्ड बनाया गया है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के बैठने लिए अनेक आरामदायक कुर्सियों, सोफा की भी व्यवस्था की जा रही है।निकटवर्ती राज्यों से आ रहे हैं अनेक भक्त मित्र मण्डलअखिल भारतीय स्तर पर ख्याति प्राप्त इस वार्षिक भजन संध्या में मेवाड सहित दुर दराज के इलाको खाटू-श्याम नगर, दिल्ली, मन्दसोर, नीमच, रतलाम, जयपुर, अजमेर, भीलवाडा, चित्तौडगढ, फतहनगर, ब्यावर, पाली, सूरत, अहमदाबाद, खेरवाडा, डुंगरपुर जैसे अनेक शहरों से हजारांे श्याम भक्त एवं मित्र मण्डलों के आने की सूूचनाएॅ लगातार प्राप्त हो रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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