24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के अधीन प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रकाशित वर्ष-2026 के बहुरंगी एवं बहुमुखी कैलेंडर का विमोचन विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं संरक्षक डॉ. प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर कुलगुरु ने कहा कि यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों के लिए पूरे वर्ष की गतिविधियों, आयोजनों और कृषि कार्यों का व्यावहारिक दस्तावेज है, जो उन्हें समय पर सही निर्णय लेने में मदद करेगा।कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष का कैलेंडर “अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान समृद्धि” को समर्पित है। उन्होंने कहा कि महिला किसान कृषि की रीढ़ हैं और इस पहल के माध्यम से वैश्विक कृषि में महिलाओं की भूमिका को सम्मान और पहचान देने का प्रयास किया गया है। खेती और पशुपालन दोनों के लिए उपयोगीप्रसार शिक्षा निदेशक एवं मार्गदर्शक डॉ. आर.एल. सोनी ने जानकारी दी कि एमपीयूएटी का कैलेंडर किसानों के लिए एक भरोसेमंद साथी की तरह है। इसमें माहवार खेती के कार्य, फसलों में लगने वाले कीट-रोग, उनके नियंत्रण के उपाय तथा रसायनों की संतुलित मात्रा का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। यह कैलेंडर एमपीयूएटी के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्रों—बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर द्वितीय एवं भीलवाड़ा द्वितीय—से जुड़े किसानों की फसलों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।उन्होंने कहा कि मेवाड़-वागड़ संभाग के किसानों के लिए यह कैलेंडर विशेष रूप से उपयोगी है। इसमें ऋतु अनुसार सब्जियों, फलों और फूलों की बुवाई के साथ-साथ आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी गई है। साथ ही पशुपालकों के लिए गाय-भैंस, बकरी, मुर्गी, भेड़ एवं ऊंट पालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल की गई हैं, जिससे वे बीमार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा घर पर ही कर सकें। कैलेंडर में ज्ञान, तकनीक और संस्कृति का समन्वयकैलेंडर के संपादक डॉ. योगेश कनोजिया ने बताया कि यह कैलेंडर बहुआयामी स्वरूप लिए हुए है। इसमें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय दिवसों, तीज-त्योहारों और दैनिक जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को भी स्थान दिया गया है। उन्नत कृषि तकनीकों को सचित्र रूप में प्रस्तुत किया गया है, वहीं कृषि विज्ञान केंद्रों की गतिविधियों की रंगीन तस्वीरें किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि कैलेंडर में दिए गए महत्वपूर्ण फोन नंबर किसानों के लिए आपात स्थिति में त्वरित सहायता का माध्यम बनेंगे। यह कैलेंडर किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियों, उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु अनुकूलन की दिशा में योजनाबद्ध कार्य-सूची उपलब्ध कराता है। टीमवर्क का परिणामइस उपयोगी संसाधन के निर्माण में डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ. एम.के. महला, डॉ. सुनील जोशी, डॉ. एस.एस. लखावत, डॉ. राजीव बैराठी एवं श्री बी.एस. झाला का विशेष योगदान रहा।कैलेंडर विमोचन समारोह में कुलपति डॉ. प्रताप सिंह के साथ डॉ. आर.एल. सोनी, डॉ. योगेश कनोजिया, डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ. एम.के. महला, डॉ. लतिका शर्मा, डॉ. राजीव बैराठी सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह जानकारी डॉ. जी.एल. मीना मीडिया प्रकोष्ठ एवं जनसंपर्क अधिकारी ने दी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर बनेगा कृषि नवाचारों का संगम, छह राज्यों का क्षेत्रीय कृषि मेला फरवरी में राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में राजस्थान का दमदार प्रदर्शन, 42 पदक जीते