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एमपीयूएटी के कुलगुरु बोले-पेंशन की समस्या का होगा स्थायी समाधान, सीएम और वित्त मंत्री से मिलेंगे पांचों विवि के कुलगुरू

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24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने आज अपनी साधारण सभा बैठक में नवनियुक्त कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ का भावभीना स्वागत किया।
यह जानकारी देते हुए प्रवक्ता वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि आज आरसीए सभागार में कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम सभी पेंशनर्स ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन किया। इसके उपरांत वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र कुमार भटनागर तथा पूर्व कुलपति डॉ. उमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में सोसायटी के पदाधिकारियों एवं पेंशनरों ने कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ को उपरणा धारण करवा कर भावभीना स्वागत किया।

पूर्व विशेषाधिकारी डॉ. सुभाष भार्गव ने विश्वविद्यालय के 1443 पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं और राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में लंबित कोर्ट केस के बारे में विस्तार से बताते हुए माननीय कुलगुरु से पेंशनरों की समस्याओं का समाधान कर राहत दिलाने हेतु अनुरोध किया।

नवनियुक्त कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने महाराणा प्रताप कृषि एवं अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय के पेंशनर्स की साधारण सभा को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम कहा कि आज हमारे राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कल सुबह से जब भी आप मोबाइल या फोन पर बातचीत प्रारंभ करें, तो वार्ता की शुरुआत में ‘हैलो’ की बजाय वंदे मातरम् बोलकर हमारे महान देश को आज़ादी दिलाने वाले सभी क्रांतिकारियों को श्रद्धासुमन अर्पित करें। इस पर सभी पेंशनर्स ने दोनों हाथ उठाकर फोन पर ‘हैलो’ की बजाय वंदे मातरम् बोलने का समर्थन किया।

कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के 1443 पेंशनर्स, जिनमें लगभग 400 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं विधवाएं शामिल हैं, उनकी पेंशन समस्या के स्थायी समाधान हेतु वे दिल से हरसंभव प्रयास करेंगे। इस हेतु राज्य के अन्य चारों कृषि विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के साथ पहले मिल बैठकर पेंशन समस्या के स्थायी समाधान हेतु विभिन्न विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके उपरांत राज्य के पांचों कृषि विश्वविद्यालयों के कुलगुरु एक साथ माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय वित्त मंत्री महोदया से मिलकर राज्य सरकार से इस बाबत स्थायी समाधान हेतु निवेदन करेंगे।

कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने कहा कि जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस कृषि विश्वविद्यालय की सेवा और उत्थान में लगाया है, वे वरिष्ठ गुरुजन और कर्मचारी इस विश्वविद्यालय की नींव के पत्थर हैं। वे पूरा प्रयास करेंगे कि जीवन के उत्तरार्ध में इन वरिष्ठ गुरुजनों और कर्मचारियों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो। पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी के सहमंत्री गणेशलाल पालीवाल ने सभी पधारे हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ के स्वागत के इस अवसर पर पूर्व अधिष्ठाता डॉ. वी. एन. जोशी, पूर्व छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सुमन सिंह, पूर्व कुलसचिव डॉ. घनश्याम तिवारी, प्रवक्ता वीरेन्द्र सिंह सोलंकी, कोषाध्यक्ष देवीलाल तेली, संगठन मंत्री रामेश्वर प्रसाद शर्मा, कोमल सिंह राठौड़, धर्मपाल सिंह सरोहा, मोहम्मद भाई आदि प्रमुख उपस्थित थे।

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