24 News Update जयपुर । राजस्थान पुलिस में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीरें सामने आई है, जहां 10 महिला कर्मियों ने अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से यह साबित कर दिया कि वर्दी में मातृत्व और मजबूती दोनों साथ चल सकते हैं। ये महिला कर्मी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि इन्होंने मानवता, सेवा और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण पेश किया, जो समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।इनमें से किसी ने कठिन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाई, तो किसी ने संवेदनशील मामलों को सूझबूझ से संभाला। किसी ने अपनी ड्यूटी के दौरान ईमानदारी और तत्परता दिखाई, तो किसी ने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया। इन सभी महिला कर्मियों की एक खास बात यह रही कि इन्होंने अपने पारिवारिक दायित्वों मां, बेटी या बहन की भूमिका के साथ-साथ पुलिस की कठोर जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया।कर्तव्य से बढ़कर कुछ नहींइन महिला पुलिसकर्मियों ने यह दिखाया कि कठिन से कठिन हालात में भी ड्यूटी सर्वोपरि होती है। चाहे दिन हो या रात, चुनौती कैसी भी हो; इनका समर्पण अडिग रहा। जहां एक ओर इन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई। यही संतुलन इन्हें खास बनाता है। समाज के लिए प्रेरणाआज ये महिला कर्मी केवल पुलिस विभाग के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। खासकर युवतियों के लिए ये संदेश है कि मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।शौर्य का मुख्यमंत्री सम्मान: शक्ति स्वरूपा जांबाज बेटियों का गौरव गानकर्तव्य की वेदी पर प्राणों की बाजी लगाने वाली और खेल के मैदान में तिरंगा लहराने वाली राजस्थान पुलिस की 10 जांबाज महिला पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस को उस समय सर्वोच्च पहचान मिली, जब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने उनसे मुख्यमंत्री निवास पर संवाद किया। महिला अपराध का खुलासा हो, उफनती नहर में छलांग लगाकर जान बचाना हो, बैंक लूट की फायरिंग के बीच अपराधियों को दबोचना हो, या उग्र भीड़ से किसी निर्दोष को सुरक्षित निकालना; इन शक्ति स्वरूपा अधिकारियों के हर साहसिक कार्य को मुख्यमंत्री ने सराहा। उन्होंने इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का पुंज बताया।राजस्थान पुलिस में मातृ शक्ति: 10 महिला कर्मियों की प्रेरक कहानियां महिला अपराधों के खिलाफ सख्त डीएसपी डॉ. पूनमअलवर में महिला अपराध अनुसंधान इकाई की पुलिस उप अधीक्षक डॉ. पूनम ने पॉक्सो एक्ट के तहत त्वरित अनुसंधान कर कई वर्षों से डरा-धमका कर शोषण करने वाले अपराधियों को जेल भेजा। उन्होंने वर्ष 2024 के दौरान 13 इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। कानून व्यवस्था और त्वरित न्याय की मिसाल एसएचओ गुंजन वर्माजयपुर आयुक्तालय के नारायण विहार की थानाधिकारी गुंजन वर्मा ने उत्कृष्ट पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया। उन्होंने एक विदेशी महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में मात्र 2 दिन में चार्जशीट पेश कर अपराधियों को सजा दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया। अपराध नियंत्रण और जांच में अग्रणी उप निरीक्षक सोनाली शर्माराजसमंद जिले की उपनिरीक्षक सोनाली शर्मा (डीएसटी प्रभारी) ने हत्या और लूट जैसे गंभीर मामलों का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक अपहृत नवजात बच्चे को सकुशल बरामद कर परिवार को खुशियां लौटाईं और कई इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुँचाया। हेड कांस्टेबल गायत्री देवी ने खेलों के मैदान में लहराया परचमजयपुर आरएसी की महिला हेड कांस्टेबल गायत्री देवी ने न केवल खाकी का मान बढ़ाया, बल्कि खेलों में भी राज्य को गौरान्वित किया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक कुल 9 गोल्ड, 7 सिल्वर और 1 ब्रोंज मेडल जीतकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया है। महिला गरिमा और सुरक्षा की रक्षक हेड कांस्टेबल सरोज चौधरीकोटा की महिला हेड कांस्टेबल सरोज चौधरी ने महिला गरिमा सेल (1090) में तैनात रहकर 4735 शिकायतों में से 4581 का निस्तारण किया। अश्लील फोन कॉल और छेड़छाड़ से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। कांस्टेबल गंगा ने अपनी जान दांव पर लगाकर बचाई महिला की जिंदगी लबांसवाड़ा जिले के कोतवाली थाने की कांस्टेबल गंगा डामोर ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब उन्हें सूचना मिली कि एक महिला कागदी बड़ी नहर के तेज बहाव में बह रही है, तो गंगा ने बिना वक्त गंवाए उफनती नहर में छलांग लगा दी और डूब रही महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बैंक लुटेरों से भिड़ गईं कांस्टेबल मेनका कुमारीजयपुर पश्चिम के झोटवाड़ा थाने की महिला कांस्टेबल मेनका कुमारी ने तब अपनी वीरता दिखाई जब पंजाब नेशनल बैंक में फायरिंग कर लूट की कोशिश की गई। उन्होंने गोलीबारी के बीच अपराधियों को मौके पर ही दबोच लिया, जिससे बैंक कर्मचारी की जान बचाने और लूट को विफल करने में सफलता मिली। कांस्टेबल विमला की सूझबूझ ने पकड़ा लाखों की लूट का मामलासिरोही जिले के आबूरोड सदर थाने की महिला कांस्टेबल विमला ने अपनी पैनी नजर से एक बड़ी लूट का खुलासा किया। रास्ते में संदिग्ध हालत में भाग रहे दो युवकों को देखकर उन्होंने तुरंत थाने पर सूचना दी, जिससे करीब 10.69 लाख रुपये की लूट की राशि बरामद हुई। उग्र भीड़ के बीच देवदूत बनीं कांस्टेबल धोली बाईजयपुर आयुक्तालय के मालपुरा गेट थाने की महिला कांस्टेबल धोली बाई ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। उन्होंने 150-200 लोगों की उग्र भीड़ के बीच से एक विक्षिप्त महिला को सुरक्षित निकाला और उसे अस्पताल पहुँचाया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। खेलों में स्वर्ण और पुलिस का गौरव कांस्टेबल रितु राठौरजयपुर आयुक्तालय की कांस्टेबल रितु राठौर ने अखिल भारतीय पुलिस वेटलिफ्टिंग और वॉलीबॉल कलस्टर (2023-24) में स्वर्ण पदक जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया। उनकी यह उपलब्धि महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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