जयपुर, 20 जनवरी: जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस बड़े मामले में अब तक करीब 1100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार भारत, कंबोडिया, सिंगापुर और मलेशिया तक जुड़े हुए हैं।
गिरोह का मुख्य अड्डा कंबोडिया में
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश के निर्देशन में हुई जांच में पता चला कि गिरोह का मुख्य अड्डा कंबोडिया के प्रीह सिहानोक (Sihanoukville) में स्थित था। गिरोह भारतीय सिम कार्ड्स का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप पर लोगों को निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर फंसाता था। तकनीकी विश्लेषण में यह भी सामने आया कि भारतीय सिम्स का रोमन डेटा कंबोडिया में सक्रिय था।
सिम कार्ड की तस्करी और रिवर्स ट्रेल से खुला पूरा खेल
जांच में करीब 2.30 लाख मोबाइल सिम्स का डेटा खंगाला गया। भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (I4C) की मदद से पता चला कि 36,000 भारतीय सिम्स कंबोडिया में रोमिंग पर थीं, जिनमें से 5,300 सिम्स के जरिए भारत में 1100 करोड़ रुपये की ठगी हुई।
गिरोह की कार्यप्रणाली शातिर और पेशेवर थी। आरोपी प्रकाश भील और उसके साथी मोबाइल सिम POS दुकानों पर ग्राहकों को दो सिम एक्टिव करने के बहाने धोखा देते थे। ग्राहक को एक सिम दी जाती और दूसरी सिम गिरोह अपने पास रख लेता, जिसे बाद में मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेजा जाता।

5 शातिर ठग गिरफ्तार, मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ LOC जारी
अब तक 5 मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- नागौर निवासी हेमंत पंवार – सिम डिस्ट्रीब्यूटर
- रामावतार राठी – सिम विक्रय एजेंट
- अजमेर निवासी हरीश मालाकार
- जोधपुर निवासी मोहम्मद शरीफ
- लुधियाना, पंजाब निवासी संदीप भट्ट
पूर्व में आरोपी प्रकाश भील को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
साथ ही, चार मलेशियाई नागरिकों – ली जियान हुई, लो डी खेन, चिन यु मिंग और लियोंग केन नेथ – के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है।
ठगी का राज्यवार ब्यौरा
इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने पूरे भारत में जाल बिछाया था। राज्यवार ठगी का आंकड़ा इस प्रकार है:
- महाराष्ट्र: ₹248.21 करोड़
- तमिलनाडु: ₹225.50 करोड़
- दिल्ली: ₹73.67 करोड़
- तेलंगाना: ₹73.43 करोड़
- कर्नाटक: ₹71.79 करोड़
- राजस्थान: ₹25.71 करोड़
कुल 1102 करोड़ रुपये की ठगी, 5378 मोबाइल नंबरों से अंजाम दी गई।

एसआईटी का गठन, कंबोडिया में भी कार्रवाई
पुलिस अब कंबोडिया में सक्रिय 5000 संदिग्ध सिम्स और व्हाट्सएप अकाउंट ब्लॉक करने की तैयारी कर रही है। इस मामले की गहराई से जांच के लिए आयुक्तालय स्तर पर विशेष एसआईटी का गठन किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और मोबाइल सिम तस्करी के खिलाफ ऐतिहासिक कदम है और गिरोह के सभी आरोपी देश और विदेश में न्याय के कटघरे में लाए जाएंगे।
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