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- ड्राइविंग पैटर्न, ब्रेकिंग तकनीक व गति प्रतिबंधों की रियल टाइम निगरानी संभव
24 News Update जयपुर। भारतीय रेलवे में तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने पूरी तरह स्वदेशी रूप से एक उन्नत वेब-आधारित स्पीडोमीटर विश्लेषण सॉफ्टवेयर का सफल विकास किया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर ट्रेन संचालन के दौरान उत्पन्न स्पीडोमीटर डेटा का विश्लेषण कर लोको पायलट की ड्राइविंग तकनीक, ब्रेकिंग पैटर्न और गति प्रतिबंधों के पालन की वास्तविक समय में निगरानी करने में सक्षम है।
जोगेन्द्र मीणा के नेतृत्व में मंडल स्तर पर विकसित
यह नवाचार जोधपुर मंडल के यांत्रिक विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर जोगेन्द्र मीणा के नेतृत्व में पूरी तरह इन-हाउस तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर की प्रस्तुति 21 जून को मुख्यालय जयपुर में आयोजित 65वीं इलेक्ट्रिकल स्टैंडर्ड्स कमेटी (ESC) की बैठक में की गई, जहां रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) बी.एम. अग्रवाल, महाप्रबंधक अमिताभ सहित भारतीय रेलवे के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मैन्युअल विश्लेषण की जरूरत खत्म
शशि किरण ने बताया कि पहले जहां स्पीडोमीटर डेटा का विश्लेषण कई घंटे और भारी मानव संसाधन की मांग करता था, अब यह काम यह सॉफ्टवेयर कुछ ही मिनटों में सटीक, विस्तृत और ग्राफिकल रिपोर्ट के रूप में प्रदान करता है। इससे मुख्य लोको निरीक्षक (CLI) को मैन्युअल विश्लेषण की जरूरत नहीं रह गई है।
परिचालन दक्षता और सुरक्षा को मिलेगा बल
इस नवाचार से रेलवे की परिचालन दक्षता, सुरक्षा और निगरानी तंत्र को सशक्त करने में मदद मिलेगी। ड्राइविंग पैटर्न, ब्रेकिंग तकनीक और गति प्रतिबंधों की सटीक मॉनिटरिंग से संभावित दुर्घटनाओं और तकनीकी खामियों पर तुरंत ध्यान दिया जा सकेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे का यह स्वदेशी सॉफ्टवेयर जोधपुर मंडल की तकनीकी दक्षता का प्रतीक ही नहीं, बल्कि देशभर के अन्य रेलवे मंडलों के लिए भी एक प्रेरणास्पद मॉडल बन चुका है। रेलवे बोर्ड और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस नवाचार की भारी सराहना की है।

