24 News Update उदयपुर. उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के नाम पर किए जा रहे दावों की वास्तविकता को लेकर विधायक Phool Singh Meena ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव संख्या 131 के माध्यम से गंभीर प्रश्न उठाए। विधायक ने कहा कि Hindustan Zinc Limited की जावर माइंस इकाई द्वारा प्रतिवर्ष हजारों पौधे लगाने का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वे स्वयं भी अतिथि के रूप में शामिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन स्थलों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण दर्शाया गया, वहां बाद में अधिकांश पौधे जीवित नहीं पाए गए। कई पौधे रोपण के कुछ समय बाद ही सूख गए और उनकी समुचित देखरेख नहीं की गई।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि खनन कार्यों से उत्पन्न माइन टेलिंग (खनन अवशिष्ट) के अनियंत्रित निस्तारण के कारण आसपास प्राकृतिक रूप से विकसित हजारों वृक्ष नष्ट हो चुके हैं। इससे क्षेत्र की हरित पट्टी, जैव विविधता और भू-पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंची है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्ष 2020 से 2025 तक जावर माइंस द्वारा किए गए वृक्षारोपण का संपूर्ण भौतिक सत्यापन कराया जाए। लगाए गए पौधों की वास्तविक संख्या, स्थान और वर्तमान स्थिति का सार्वजनिक विवरण तैयार किया जाए। साथ ही, खनन अवशिष्ट से नष्ट हुए वृक्षों का स्वतंत्र आकलन कर दोषी अधिकारियों और कंपनी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि क्षेत्र की हरित संपदा की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

