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सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा-कार्य क्षमता बढाने सरकार ने एक राज्य-एक ग्रामीण बैंक नीति लागू कर दी है

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-राजस्थान में इस नीति के तहत राजस्थान ग्रामीण बैंक (आरजीबी) बनाया गया

24 News Update उदयपुर।
देश के 12 राज्यों में केंद्र सरकार ने एक राज्य, एक ग्रामीण बैंक नीति लागू कर दी है और अगले चरण में इसको और बढाया जाएगा। यह निर्णय ग्रामीण बैंकों की कार्य क्षमता को बढाने, लागत कम करने, ज्यादा से ज्यादा ऋण उपलब्ध करवाने, नई तकनीक को अपनाने तथा कर्मचारियों की रोजगार निरंतरता को बढाने के उद्देश्य से किया गया है। इसी नीति के तहत राजस्थान राज्य में, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक को मिलाकर राजस्थान ग्रामीण बैंक (आरजीबी) बनाया गया है।
सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा संसद में इस संबंध में पूछे गए अतारांकित प्रश्न पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी। सांसद डॉ रावत ने जानकारी मांगी थी कि क्या सरकार ने एक राज्य, एक ग्रामीण बैंक की नीति को लागू करने का निर्णय लिया है, इस नीति के अंतर्गत किन-किन राज्यों में अब तक ग्रामीण बैंकों का विलय किया जा चुका है, एकीकरण का ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और रोजगार पर क्या प्रभाव पडेगा।
वित्त राज्य मंत्री ने इस संबंध में बताया कि एक राज्य-एक आरआरबी (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) के सिद्धांत से निर्देशित होकर, सरकार ने प्रादेशिक ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 की धारा 23क के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार और राज्य सरकारों, नाबार्ड और प्रायोजक बैंकों के परामर्श से, 12 राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों में आरआरबी को समामेलित कर दिया है, ताकि पैमाने की दक्षता, लागत युक्तिकरण, पूंजी में वृद्धि करने और प्रौद्योगिकी को अपनाने एवं दृश्यता और ब्रांडिंग में सुधार संबंधी लाभ प्राप्त किए जा सकें। समामेलन प्रक्रिया के परिणामस्वरूप देश में आरआरबी की कुल संख्या 43 से घटकर 28 हो गई है।
एक राज्य, एक आरआरबी के सिद्धांत पर 12 राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों, अर्थात आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में समामेलन किया गया था।
उन्होंने बताया कि एक राज्य-एक आरआरबी के सिद्धांत पर किए गए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के समामेलन से आरआरबी को कई लाभ मिलने की उम्मीद है जो ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी बैंकिंग सेवाओं, ऋण संवितरण, वित्तीय समावेशन और समग्र परिचालन दक्षता पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।

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