24 न्यूज अपडेट उदयपुर. आयोजित बैठक में संभागीय अध्यक्ष विकास गौड़ ने पदाधिकारियों से गुणवत्ता सदस्यों की भर्ती और जन समस्याओं के निराकरण के लिए मानवाधिकार का निश्चित और आसान पहुँच वाला आफिस ढूँढने की पेशकश की । साथ ही निर्देश दिये कि ईमानदार निवेशकों को सदस्यता दी जाए जो समय समय पर अपना किसी ना किसी तरह सहयोग कर सकें जो सर्वोपरि जनहित की भावना से हो, कुछ निवेशक टेक्स बेनिफिट के कारण भी हमसे जुड़ सकते हैं, और कुछ अलवर में हुए अति सराहनीय गरीब कन्या विवाह जैसे पुण्य कर्मों में भी सहयोग कर सकते हैं ।
संभागीय अध्यक्ष महोदय ने अपने किये गये स्टिंग आप्रेशन का हवाला देते हुए प्रति सदस्य अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए बताया कि “आईएचआरएसओ का हर सदस्य एक सिंह है, ज़रूरत है सिर्फ गर्जना की ।”
सभी पदाधिकारियों ने अलवर में हो रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए संकल्प लिया कि “आने वाले समय में उदयपुर को भ्रष्टाचार रहित करेंगे और अपने संगठन को गौरवान्वित करने के साथ नव भारत निर्माण में सहयोग करेंगे ।”
संभागीय अध्यक्ष ने हिदायत दी कि एकता और अनुशासन ही इस संगठन का भावनात्मक आधार है कोई भी सदस्य इसे तोड़ने का प्रयास ना करे, अन्यथा भविष्य में नीति आयोग के किसी भी संगठन में उसकी दोबारा चाहते हुए भी प्रविष्टि नहीं हो पाएगी ।
उन्होनें बताया कि “आयोग के इस संगठन के रक्षा सूत्र बाकी किसी भी राजनैतिक संगठन से ऊपर हैं, राष्ट्र की नीतियों और कानून के निर्धारण में सरकार हमारे एकत्रित समंकों को ध्यान में रखते हुए नीतियों में फेर बदल करती है, हमारे पास अधिकार है सरकार का ध्यान आकर्षित करने का, इसी संगठन के आईडी से हम ट्वीट करते हैं, जो सीधा सी.एम. या पी.एम. को जाता है । हमने राज्य सरकार को जो सुझाव पत्र सौंपा, उस पर कार्य हुआ है और हमें नाम की परवाह नहीं, सिर्फ जनहित के काम की फिक्र करनी चाहिये ।
हमें किसी पेपर की सुर्ख़ियों की आवश्यकता नहीं है, ज़रूरत हो तो सबूतों के आधार पर सोशल मीडिया होता है, जिससे जन संपर्क बढ़ सकता है ।
उन्होने सभी से गुजारिश की है कि गलत कामों में किसी का सहयोग करके भावी पीढी का सूर्य अस्त ना करें
27 फरवरी को उदयपुर मुख्यालय पर आईएचआरएसओ ने आयोजित की विशेष बैठक

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